त्यौहारों के दिव्य समय का उठाएं लाभ, अखण्ड लक्ष्मी के खुलेंगे भण्डार

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Thursday, October 27, 2016-10:32 AM

त्यौहार के दिनों में कैसे पाएं समृद्धि 
त्यौहारों के दिव्य समय का आप ऐसे उठा सकते हैं प्रभावशाली लाभ, जिससे अखण्ड लक्ष्मी के खुलेंगे भण्डारl धन त्रयोदशी को खरीदें नया वाहन,सोने-चांदी के गहने और नए बर्तन धन त्रयोदशी 28 अक्तूबर तदनुसार शुक्रवार को है l इस दिन श्रीलक्ष्मी नारायण का पूजन करने के उपरान्त अनाज,वस्त्र और औषधियों का दान किया जाता है l यमराज के लिए जो लोग इस दिन दीपदान करते हैं उनको अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता l इसी दिन अर्धरात्रि को रुद्रावतार हनुमान जयन्ती के रूप में भी मनाया जाता है l धन त्रयोदशी के दिन सांयकाल के समय नए बर्तनों की खरीददारी करना, स्कूटर, मोटर, साइकिल, कार आदि वाहन खरीदना और सोने-चांदी के गहने खरीदना बहुत शुभ, समृद्धिदायक और लाभदायक होता है l नरक चतुर्दशी को अकाल मृत्यु से मरने वालों के लिए करें दीपदान।

29 अक्तूबर शनिवार के दिन नरक चौदश है इस दिन बिजली,अग्नि और उल्का आदि से मृतकों की शांति के लिए चार मुख वाले दीपक को प्रज्वलित करके यथा शक्ति दान करने से मृतात्माओं को शांति प्राप्त होती है l काशी, हरिद्वार आदि धामों पर इस दिन लोग सैकड़ों की संख्या में दीपदान करते हैं l


दीपावली को करें कुबेर-लक्ष्मी मन्त्र साधना और पाएं अखण्ड लक्ष्मी का भण्डार
30 अक्तूबर रविवार को कार्तिक अमावस्या है। इस दिन दीपावली का त्यौहार बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है l इस दिन प्रदोषकाल में शाम 05:00 बजकर 38 मिनट से रात 08:00 बजकर 13 मिनट तक के काल में दीपदान करके अपने घर के पूजा स्थान में श्रीगणेश,लक्ष्मी और कुबेर का आवाहन करके विधिवत पूजा करनी चाहिए या ब्राह्मण द्वारा विशेष पूजा करवाकर श्री सूक्त, कनकधारा स्तोत्र और लक्ष्मी स्तोत्र के उपरान्त कुबेर और लक्ष्मी के मन्त्रों का जप करना और करवाना चाहिए साथ ही बही-खातों का पूजन भी करना चाहिए l पूजन के पश्चात घर में चारमुख वाला दीपक रात भर जलाने से सौभाग्य और लक्ष्मी की वृद्धि होती है l ब्राह्मणों और अपने सगे-सम्बन्धियों को मिष्ठान्न आदि बांटना चाहिए l महानिशीथकाल रात्रि को 10:40 मिनट से 03:23 मिनट तक तन्त्र-मन्त्र-यन्त्र साधनाओं व यज्ञ हेतु प्रभावशाली समय होगा l साधक या साधिका द्वारा ब्रह्मचर्य पूर्वक नीचे दिए मन्त्रों का जप महानिशीथकाल में करने से अखण्ड लक्ष्मी की प्राप्ति और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं l

1. गणपति मन्त्र: ॐ गं गणपतये नमः – 108 बार

2. लक्ष्मी मन्त्र: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः – 11 माला

3. कुबेर मन्त्र: ॐ कुबेर त्वं धनाधीश गृहे ते कमला स्थिताl तां देवीं प्रेषयाशु मद् गृहे ते नमो नमः ll – 11 माला


ज्योतिषाचार्य डॉ.नवीन शर्मा
astronaveen1983@gmail.com


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