19 अक्टूबर से लेकर 14 नवंबर तक रहेगी त्यौहारों की धूम

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Monday, October 17, 2016-9:10 AM

उत्तर भारत में मान्य विक्रमी संवत का आरंभ चैत्र मास से होता है और इसका अंत फाल्गुन मास में होता है। इसे ‘चांद्र वर्ष’ भी कहा जाता है जिसमें चंद्रमा की गति के अनुसार पहला पंद्रह दिवसीय पक्ष ‘कृष्ण पक्ष’ कहलाता है और अंतिम पंद्रह दिवस शुक्ल पक्ष कहलाता है। 19 अक्टूबर से लेकर 14 नवंबर तक रहेगी त्यौहारों की धूम जानिए, किस दिन आएगा कौन सा व्रत-त्यौहार 


19 अक्तूबर : बुधवार को संकटनाशक श्री गणेश चतुर्थी व्रत, करवाचौथ व्रत, करक चतुर्थी, दशरथ चतुर्थी, चंद्रमा रात 8 बज कर 45 मिनट पर उदय होगा। 


21 अक्तूबर: शुक्रवार को स्कंद षष्ठी व्रत।


22 अक्तूबर : शनिवार को अहोई अष्टमी, अहोई माता का व्रत, मासिक काल अष्टमी व्रत, स्वामी श्री राम तीर्थ जी की जयंती, श्री राधा कुंड स्नान (मथुरा, उ.प्र.)।


23 अक्तूबर : रविवार को सूर्य ‘सायण’ वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा, हेमंत ऋतु प्रारंभ, राष्ट्रीय महीना कार्तिक शुरू।

  
24 अक्तूबर: सोमवार को श्री गुरु हरि राय साहिब जी का ज्योति जोत समाए दिवस (प्राचीन पर परा)।


26 अक्तूबर: बुधवार को रमा एकादशी व्रत, गोवत्स द्वादशी।


28 अक्तूबर: शुक्रवार को प्रदोष व्रत, धन त्रयोदशी, धन तेरस, श्री हनुमान जी की जयंती, मासिक शिवरात्रि व्रत, श्री संगमेश्वर महादेव अरुणाय-पिहोवा के शिव त्रयोदशी पर्व की तिथि, श्री धनवंतरी जी की जयंती, यम प्रीत्यर्थ दीपदान (यम के लिए घर के बाहर सायं समय दीपदान)। 


29 अक्तूबर: शनिवार को नरक चतुर्दशी व्रत, नरक चौदस, रूप (नरकहरा) चतुर्दशी, मेला कालीबाड़ी (शिमला, हिमाचल)।


30 अक्तूबर: रविवार को दीपावली महापर्व, दीवाली, श्री गणेश-लक्ष्मी जी-सरस्वती-कुबेर-इंद्र पूजा, सायं समय देवालयों में दीप जलाकर घर में दिए जलाने चाहिएं, स्नानदान आदि की कार्तिक अमावस, काली जी की पूजा, श्री कमला जयंती, ऋषि बोध-उत्सव, महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती एवं श्री महावीर जी का निर्वाण दिवस (जैन), स्वामी श्री रामतीर्थ जी का जन्म एवं निर्वाण दिवस, दीवाली मेला (अमृतसर), श्री महालक्ष्मी पूजन।


31 अक्तूबर : सोमवार को अन्नकूट, गोवर्धन पूजा, बलिपूजा, गोक्रीड़ा (सायं समय) कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रारंभ, विश्वकर्मा दिवस  (पंजाब), भक्त नाम देव जी का जन्म उत्सव, लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जयंती। 

1 नवंबर- भाई दूज


3 नवंबर- विनायक चतुर्थी व्रत


4 नवंबर- पांडव पंचमी


6 नवंबर- सूर्य षष्ठी


8 नवंबर- गोपाष्टमी


9 नवंबर- आंवला नवमी


10 नवंबर- देवउठनी ग्यारस


13 नवंबर- वैकुंठ चतुर्दशी


14 नवंबर- कार्तिक पूर्णिमा


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