कल है गणेश जी की विदाई: जानें, विसर्जन पूर्व पूजन विधि और शुभ मुहूर्त

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Wednesday, September 14, 2016-9:51 AM
अनन्त चतुर्दशी के पर्व पर दस दिवसीय गणेशोत्सव का समापन होगा। सार्वजनिक स्थानों और घरों में स्थापित गणपति जी की मुर्तियों का विसर्जन होगा। शास्त्रानुसार मिटटी द्वारा निर्मित गणेशजी की मूर्तियां जो स्थापित की जाती है उसका विसर्जन होना अनिवार्य है। अतः शास्त्रानुसार गणपति जी की मूर्तियों का विसर्जन जल में ही होना चाहिए। स्वयं के घर में ही पवित्र पात्र में गंगाजल की कुछ बूंदें तथा शेष शुद्ध जल मिलाकर मूर्ति का विसर्जन करें। विसर्जन से पूर्व गणपति जी का विधिवत पूजन करें।
 
विसर्जन पूर्व पूजन विधि: विसर्जन से पूर्व स्थापित गणपति जी की मूर्ति का विधिवत षोड़शोपचार पूजन-आरती करें। गणपतिजी की मूर्ति पर सिंदूर चढ़ाएं। 21 लड्डुओं का भोग लगाएं। इनमें से 5 लड्डू मूर्ति के पास चढ़ाएं और 5 ब्राह्मण को प्रदान कर दें। शेष लड्डू प्रसाद के रूप में बांट दें। इसके पश्चात गणेश जी को 21 दूर्वा इन मंत्रों के साथ चढ़ाएं। 
मंत्र: ॐ वं वक्रतुण्डाय नम: 
इसके बाद गणपतिजी की केसरिया चंदन, अक्षत, दूर्वा अर्पित कर कपूर जलाकर उनकी पूजा और आरती करें और मूर्ति का इस मंत्र के साथ विसर्जन कर दें। अब इस पवित्र पानी को पेड़ों में चढ़ा दें। ऐसा करने से गणपति जी की कृपा सैदेव आप पर बनी रहेगी।
 
विसर्जन के शुभ मुहूर्त 
घर पर स्थापित बप्पा को इस शुभ मुहूर्त पर करें विर्सजित
सुबह 06:20 से 07:50 बजे तक 
दोपहर 01:50 से 03:20 बजे तक 
 
पांडाल और ऑफिस में स्थापित बप्पा को इस शुभ मुहूर्त पर करें विर्सजित
दोपहर 12:20 से 01:50 बजे तक
सुबह 10:50 से दोपहर 12:20 बजे तक
शाम 04:50 से 6:15 बजे तक 
आचार्य कमल नंदलाल
ईमेल: kamal.nandlal@gmail.com 
Edited by:Aacharya Kamal Nandlal
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