इन बातों पर करें अमल, होगी जीवन में सुख की अनुभूति

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Tuesday, October 11, 2016-10:56 AM

हिन्दू ग्रंथों में राजा और प्रजा के दायित्वों की विधिवत नीति की व्याख्या करने वाले महापुरुषों ने विदुर जी प्रसिद्ध हैं। उन्होंने महाभारत में कई नीतियों का उल्लेख किया है। उनके द्वारा वर्णित नीतियां उस समय में भी बहुत महत्व रखती थी। उनकी नीतियों का अनुसरण करने से जीवन की परेशानियों से छुटकारा पाया जा सकता है। 

 

आरोग्यामानृण्यमविप्रवासः सद्धिर्मनुष्यैः सह स्मप्रयोगः।
स्वप्रत्यया वृत्तिरभीतवासः षड् जीवनलोकस्य सुखानि राजन्।।

 

विदुर जी ने इस श्लोक में ऐसी 6 चीजों के बारे में बताया है जिनको मानने से व्यक्ति सुखी रह सकता है।

 

किसी से न लें उधार
व्यक्ति को अपनी आय के अनुसार ही इच्छाएं रखनी चाहिए। कुछ लोग अपनी इच्छाअों की पूर्ति के लिए दूसरों से उधार लेते हैं। उधार लेकर प्राप्त सुख-सुविधाएं व्यक्ति को कभी भी सुख का अनुभव नहीं होता। व्यक्ति के मन में सदा कर्ज चुकाने की चिंता रहती है जिससे वे सुख का अनुभव नहीं कर पाते। कई बार उधार न छुकाने पर अपने साथ-साथ पारिवारिक सदस्यों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जो लोग अपनी आय अनुसार खर्च करते हैं अनका जीवन बहुत सुखी होता है।

 

सदैव स्वस्थ रहें
व्यक्ति को सदैव स्वस्थ रहना चाहिए। जो लोग अधिक रोगों से ग्रस्त रहते हैं उन्हें बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बीमार व्यक्ति कोई भी कार्य ठीक ढ़ग से नहीं कर पाता। जिसके कारण उसे धन संबंधी परेशानियां झेलनी पड़ती है इसलिए रोगों से मुक्त रहना सबसे बड़ा सुख होता है।                               

 

दूसरों पर निर्भर न रहें
जो व्यक्ति अपना अौर अपने परिवार का पालन-पोषण करने के योग्य होता है, उसे बहुत सुखी माना जाता है। कुछ लोग अपने जीवन यापन के लिए दूसरों पर निर्भर रहते हैं। इस प्रकार के लोगों का न तो सम्मान अौर न ही स्वाभिमान होता है। व्यक्ति को दूसरों पर निर्भर न होकर अपना अौर अपने परिवार का पालन करने के योग्य होना चाहिए। 

 

निडर होकर करें जीवन यापन
व्यक्ति को निडर होकर जीवन यापन करना चाहिए। जिस व्यक्ति की अपने से शक्तिशाली व्यक्ति से दुश्मनी होती है, हर समय उसके मन में उसी का भय रहता है। जिसके कारण वह अपने जीवन का आंनद नहीं ले पाता। निडर रहकर जीवन जीने वाला व्यक्ति सुखी रहता है। 

 

अच्छे लोगों की संगति करें
लोगों पर उनकी संगति का भी प्रभाव पड़ता है। अच्छे लोगों की संगति करने वाला व्यक्ति सुखी रहता है। कुसंगत लोगों की संगति करने वाले व्यक्ति को आगे चलकर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।  

 

अपने देश में रहना
कुछ लोग कई कारणों से अपना देश छोड़कर दूसरे देशों में रहते हैं। कहा जाता है कि जो सुख व्यक्ति को अपने देश में मिलता है वह अन्य जगहों पर नहीं मिल सकता। जो व्यक्ति अपना जीवन अपने देश अौर लोगों के मध्य बिताता है वह सुखी जीवन जीता है।


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