मुंबई। निर्देशक सौरभ शुक्ला की मुंबई में संघर्ष करने वाले आम आदमी पर आधारित ड्रामा फिल्मपप्पू कांट डांस सालाके साथ विनय पाठक एक बार फिर आम आदमी के किरदार में नजर आएंगे जो वो पिछली कई फिल्मों में कर चुके हैं।बनारस के विद्याधर के किरदार में विनय पाठक मुंबई में एक मेडिकल रिप्रेजेनटेटिव की जॉब करता है जो मुंबई के सड़क पर बिकने वाले खाने से लेकर वहां बोली जाने वाली हिंदी और वहां के ट्रैफिक किसी भी चीज से तालमेल नहीं बिठा पा रहा।

वो सबसे ज्यादा परेशान है अपनी पड़ोसन नेहा धूपिया से जो एक डांसर है और देर रात तक पार्टी करती रहती है। जब विद्याधर उसकी शिकायत करके उसे बिल्डिंग से निकलवा देता है तो वो उसके घर जबरदस्ती आकर रहने लग जाती है।

अब आप जानते ही हैं कि रोमांटिक कॉमेडी में आगे क्या होता है। उन दोनों में प्यार हो जाता है पर जैसे ही फिल्म नेहा के करियर के आस पास घूमने लगती है फिल्म में आप अपना चार्म खो देते हैं।

विनय पाठक के अभिनय के साथ साथ नेहा धूपिया की एक्टिंग भी बढ़िया है। मैं निर्देशक सौरभ शुक्ला की फिल्म को पांच में से दो स्टार देता हूं। बड़ी ही अफसोसजनक बात है कि इसकी स्क्रिप्ट को बेहतर बनाने की जरा भी कोशिश नहीं की गई है।

 

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