'नोटबंदी से पहले और बाद में जमा कालेधन का कोई सरकारी अनुमान उपलब्ध नहीं'

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Friday, December 16, 2016-1:58 PM

नई दिल्ली: नोटबंदी से पहले और उसके बाद देश में कुल कितना कालाधन जमा हुआ है, इसके बारे में कोई सरकारी अनुमान उपलब्ध नहीं है। लोकसभा में अनंत कुमार हेगड़े के प्रश्न के लिखित उत्तर में वित्त मंत्री अरुण जेतली ने कहा, ‘‘8 नवंबर 2016 को सरकार ने निर्णय किया था कि 500 रुपए और 1000 रुपए मूल्य के बैंक नोटों की श्रृंखला 9 नवंबर से बंद हो जाएगी। इससे (नोटबंदी) पहले और इसके बाद कितना कालाधन जमा हुआ है, इसका कोई सरकारी अनुमान उपलब्ध नहीं है। ’’


 उन्होंने बताया कि एक अप्रैल 2014 से 31 नवंबर 2016 तक की अवधि के दौरान 1356 निर्धारित समूहों ने 31,277 करोड़ रुपए की अघोषित आय होने की बात स्वीकार की है। इसके अलावा आयकर विभाग द्वारा की गई तलाशी में 2,164 करोड़ रूपये की अघोषित परिसंपत्ति को जब्त किया गया है। जेतली ने कहा कि इस अवधि में 14,044 सर्वेक्षण कार्य किये गए जिससे 30,492 करोड़ रूपये की अघोषित आय का पता चला है। 
 

मंत्री ने कहा कि एक अप्रैल 2014 से 31 नवंबर 2016 तक की अवधि के दौरान आयकर विभाग ने फौजदारी न्यायालयों में 1544 अभियोजन की शिकायतेंं दायर की है। प्रत्यक्ष कर के अंतर्गत किये जाने वाले अपराधों के लिए 75 लोगों को परीक्षण न्यायालयों द्वारा दोषी करार दिया गया है।  


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