अब अमरीका के 96 गुरुद्वारों में भी भारतीय अधिकारियों की एंट्री पर रोक

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Tuesday, January 09, 2018-10:53 AM

वॉशिंगटनः अमरीका के सिख को-ऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ ईस्ट कोस्ट (SCCEC) और अमरीकी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (APGC) ने बड़ा फैसला लेते अमरीका के 96 गुरुद्वारों में भी भारतीय अधिकारियों के घुसने पर रोक लगा दी है।  इन गुरुद्वारों में भारतीय अधिकारी अब नगर कीर्तन या धार्मिक अनुष्ठान नहीं कर पाएंगे।  इससे पहले कनाडा व ब्रिटेन भी गुरुद्वारों में भारतीय अधिकारियों की एंट्री पर बैन लगा चुका है। 

SCCEC अमरीका में सबसे बड़े गुरुद्वारा ऑर्गनाइजेशन होने का दावा करती है।  अमरीका में सिखों के ग्रुप सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने भी इस फैसले के समर्थन किया है।  एसएफजे के लीगल एडवाइजर गुरपतवंत सिंह पन्नन ने बताया, "जो भी भारतीय अधिकारी इस बैन के खिलाफ जाकर गुरुद्वारों में एंट्री करेगा, उनके खिलाफ कानून कार्रवाई होगी।"

SCCEC ने अपने बयान में कहा कि जून 1984 में श्री हरमंदर साहिब (गोल्डन टैंपल) समेत 40 अन्य गुरुद्वारों हुए सैन्य आक्रमण के लिए भारतीय अधिकारी भी जिम्मेदार थे।  इन अधिकारियों की वजह से सिख समुदायों काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। " बयान के मुताबिक, भारतीय अधिकारी सिख परिवारों के धार्मिक कार्यों में दखलअंदाजी करते हैं  इसलिए उनकी एंट्री को लेकर यह फैसला लिया गया है। 

कनाडा में भी बैन
बता दें कि हाल ही में कनाडा ने 14 गुरुद्वारों में भारतीय अधिकारियों के घुसने पर बैन लगाया है। ओंटारियो प्रांत के सिख समुदायों और 14 गुरुद्वारों की मैनेजमेंट कमेटी ने ये फैसला लिया।  जिन अधिकारियों की एंट्री पर बैन लगाया गया है, उसमें भारतीय राजनयिक भी हैं। हालांकि, व्यक्तिगत रूप से आने वाले अफसरों को गुरुद्वारों में जाने की इजाजत मिलेगी।

ब्रिटेन के 60 गुरुद्वारों में भी एंट्री पर रोक
इसके अलावाब्रिटेन के करीब 60 गुरुद्वारों में भी भारतीय अधिकारियों को नहीं घुसने देने का फैसला लिया था। ब्रिटेन में 100 के करीब गुरुद्वारे हैं और इनमें से 60-70 के लगभग गुरुद्वारा प्रबंधन कमिटियों ने इस घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। 


 

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