चीन की बढ़ती मौजूदगी: हिंद महासागर के संगठन को अधिक जीवंत बनाने की नई कोशिश

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Saturday, November 18, 2017-8:11 PM

नई दिल्ली( रंजीत कुमार): हिंद महासागर में चीन की बढ़ती मौजूदगी और अपना दबदबा बढ़ाने की कोशिशों के मद्देनजर भारत ने अब हिंद महासागर के तटीय देशों के संगठन इंडियन ओसन रिम एसोसिएसन (आईओआरए) को अधिक जीवंत और सक्रिय करने की नई पहल की है। इस संगठन की स्थापना करीब दो दशक पहले हुई थी लेकिन यह लगभग सुप्त पड़ा था। आईओआरए की इस साल मार्च में जकर्ता में शिखर बैठक हुई थी जिसमें भारत के उपराष्ट्रपति ने प्रतिनिधित्व किया था। अब इस संगठन में नई जान फूंकने के लिये भारत की पहल पर संगठन के 21 सदस्यों के बीच समुद्री सुरक्षा और स्थिरता पर सहयोग की नई रूपरेखा तैयार की गई है। 

आईओआरए का सदस्य बनना चाहता है पाक
हिंद महासागर के तटीय देश होने के नाते पाकिस्तान भी आईओआरए का सदस्य बनना चाहता है लेकिन इसकी सदस्यता पर आम राय नहीं होने के मद्देनजर यह मुमकिन नहीं हो सका है। मालदीव भी इस संगठन का सदस्य बनना चाहता है लेकिन ईरान ने इस पर हरी झंडी नहीं दी है। आईओआरए के सदस्य देश नहीं चाहते कि चीन के मित्र देश माने जाने वाले पाकिस्तान और मालदीव जैसे देश संगठन में शामिल हो कर इसके सुचारू कामकाज पर आंच डालें। 

फ्रांस हिंद महासागर में चाहता है शांति 
समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिये तटीय देशों के साथ सांझा कार्यक्रम और तालमेल बेहतर करने के नये कार्यक्रमों को भी अंजाम दिया जा रहा है। इसमें फ्रांस ने भी भारत के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय स्तर पर भारत से सहयोग करने का वादा किया है। फ्रांस आईओआरए का डायलाग पार्टनर है और हिंद महासागर में उसका अपना एक द्वीप होने के मद्देनजर फ्रांस हिंद महासागर में शांति व सुरक्षा में विशेष रुचि ले रहा है। हालांकि 21 सदस्यों के इस संगठन में अमरीका व चीन जैसे देश भी डायलाग पार्टनर हैं लेकिन चीन की इस इलाके के द्वीप देशों के साथ बढती सामरिक सांठगांठ से हिंद महासागर के तटीय देशों में चिंता पैदा हो रही है। यहां राजनयिक सूत्रों के मुताबिक आईओआरए को अधिक जीवंत बनाने में आस्ट्रेलिया और दक्षिण अ्रफ्रीका भी विशेष रुचि ले रहा है। 

भारत के साथ सहयोग करेगा फ्रांस
चीन द्वारा आक्रामक तरीके से दुनिया भर में सड़क़ों और समुद्री सम्पर्क बनाने की महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनीशियेटिव (बीआर आई ) के मद्देनजर भारत ने आईओआरए को अधिक प्रासंगिक बनाने की ताजा कोशिश की है ताकि हिंद महासागर के तटीय देश आईओआरए संगठन के साथ अपना भविष्य देखें।  राजनयिक सूत्रों के मुताबिक यहां इस मसले पर फ्रांसीसी विदेश मंत्री की भारतीय विदेश मंत्री से बातचीत के दौरान विस्तृत चर्चा हुई है। सूत्रों ने बताया कि फ्रांस ने वादा किया कि हिंद महासागर में शांति व स्थिरता बनाए रखने में भारत के साथ द्विपक्षीय सहयोग के अलावा बहुपक्षीय स्तर पर भी सहयोग करेगा। 

हिंद महासागर में फ्रांस का एक द्वीप रियूनियन आईलैंड है जिस पर अपनी सम्प्रभुता होने के मद्देनजर फ्रांस भी अपने को हिंद महासागर का एक देश मानता है। हालांकि अन्य संगठनों की सालाना शिखर बैठकों की तरह आईओआरए की सालाना शिखर बैठक पर विचार नहीं किया जा रहा है लेकिन पिछले मार्च में जकर्ता शिखर सम्मेलन की तरह कुछ सालों के अंतराल पर इसकी शिखर बैठकें करने का प्रस्ताव है लेकिन इस संगठन को अधिकारी और मंत्रिस्तर पर अधिक सक्रिय कर इसे हिंद महासागर के देशों के बीच अधिक प्रासंगिक बनाने की कोशिश की जा रही है ताकि सूदूर इलाके में स्थित चीन जैसा कोई देश इस मौके  को नहीं हथियाए।

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