आज का गुडलक: हनुमानजी दिलाएंगें कंटक शनि के कोप से मुक्ति

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Saturday, November 11, 2017-7:31 AM

आज शनिवार दि॰ 11.11.17 को मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष के शनिवार के उपलक्ष्य में शनि व हनुमान की संयुक्त पूजन करना हितकारी रहेगा। शास्त्रनुसार शनि ग्रह को अति क्रूर कहा गया है। अशुभ शनि व्यक्ति का जीवन दुखों व असफलताओं से भरा देता है। शनि के कुप्रभाव से बचने हेतु शास्त्रों में हनुमान साधना को श्रेष्ठ कहा गया है। किंवदंती अनुसार कालांतर में रुद्रावतार हनुमानजी श्रीराम ध्यान में लीन थे, तभी घमंड से भरे शनिदेव ने हनुमानजी को युद्ध हेतु ललकारा। शनि की चुनौती का विनम्रता से जवाब देते हुए हनुमानजी ने श्रीराम की साधना में व्यस्त होने का तर्क दिया जिससे शनि क्रोधित होकर हनुमान से युद्ध करने की जिद पर अड़ गए। इसपर हनुमानजी ने शनिदेव को अपनी पूंछ में लपेटकर बांध दिया। शनि के प्रहार करने पर पवनपुत्र ने शनिदेव को पत्थरों पर पटककर घायल करके उन्हें परास्त किया। शनिदेव ने हनुमानजी से क्षमायाचना कर प्रणाम किया। शनि ने हनुमानजी को उनके भक्त को परेशान ना करने का वचन दिया। मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष के शनिवार हनुमान जी के विशेष पूजन ध्यान और उपाय से साढ़ेसाती व ढैय्या का कुप्रभाव कम होता है, कंटक शनि के कुप्रभाव से मुक्ति मिलती है तथा दुर्भाग्य दूर होता है।


  
विशेष पूजन: शनिदेव व हनुमानजी का संयुक्त रूप से विधिवत पूजन करें, तिल के तेल का दीप करें, गुग्गल धूप करें, पीपल के पत्ते चढ़ाएं, उड़द पर सिंदूर लगाकर चढ़ाएं, इमारती का भोग लगाएं तथा 108 बार विशिष्ट मंत्र जपें। इसके बाद भोग किसी काली गाय को खिलाएं।


पूजन मंत्र: ॐ रुद्रकर्मणे नमः॥

 

पूजन मुहूर्त: प्रातः 11:00 से दिन 12:00 तक। 

 

आज का शुभाशुभ 
आज का अभिजीत मुहूर्त: दिन 11:43 से दिन 12:26 तक।

 

आज का अमृत काल: प्रातः 10:10 से प्रातः 11:43 तक।

 

आज का राहु काल: प्रातः 09:24 से प्रातः 10:44 तक।

 

आज का गुलिक काल: प्रातः 06:44 से प्रातः 08:04 तक। 

 

आज का यमगंड काल: दिन 13:25 से शाम 14:45 तक।

 

यात्रा महूर्त: दिशाशूल- पूर्व, राहुकाल वास- पूर्व। अतः आज पूर्व दिशा की यात्रा टालें।

 

आज का गुडलक ज्ञान
आज का गुडलक कलर: श्यामल।

 

आज का गुडलक दिशा: पश्चिम।

 

आज का गुडलक मंत्र: ॐ कालकालाय नमः॥

 

आज का गुडलक टाइम: शाम 17:00 से शाम 18:00 तक।

 

आज का बर्थडे गुडलक: कंटक शनि के कुप्रभाव से मुक्ति हेतु काली गाय को मीठी रोटी खिलाएं। 

 

आज का एनिवर्सरी गुडलक: दुर्भाग्य से बचने हेतु परिजन सरसों के तेल में सिंदूर मिलकर शनिदेव पर चढ़ाएं।

 

गुडलक महागुरु का महा टोटका: साढ़ेसाती व ढैय्या का कुप्रभाव कम करने हेतु हनुमान मंदिर में 13 कागज़ी बादाम चढ़ाएं। 

 

आचार्य कमल नंदलाल
ईमेल: kamal.nandlal@gmail.com

Edited by:Aacharya Kamal Nandlal
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