दिखावे के चक्कर में मोल ले ली मुसीबत, टैगोर थिएटर में नाटक ‘आहट’ मंचित

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Monday, November 21, 2016-1:19 AM

चंडीगढ़, (नेहा): चंडीगढ़ नाटक अकेडमी द्वारा करवाए जा रहे विंटर फैस्टीवल के आखिरी दिन टैगोर थिएटर में नाटक ‘आहट’ मंचित किया गया। इसकी कहानी 2 लोगों के इर्द-गिर्द घूमती है जो प्रेमी हैं। मां-बाप की इच्छा के विरुद्ध नाटक के नायक और नायिका घर से भाग के अंतर्जातीय विवाह कर लेते हैं लेकिन इसके बाद समाज और अपने परिवार वालों को अपनी हैसियत से बढ़कर अपनी पहुंच दिखाने के चक्कर में फंस जाते हैं। अंतर्जातीय विवाह होने के कारण माता-पिता उन्हें घर से निकल देते हैं, जिसके बाद वे लोग ऊधार लेकर एक घर ले लेते हैं।

देखते ही देखते उनके घर में वो हर चीज मौजूद होती है जो एक अमीर परिवार में होनी चाहिए लेकिन ये सब ऊधार पर। इसी दिखावे की वजह से कुछ समय बाद ही घर पर खर्चों का बोझ बढऩे लगता है। पति का बॉस प्रोमोशन के लिए उसकी पत्नी के साथ संबंध बनाने की बात करता है। नाटक में तब मोड़ आता है जब पत्नी को घर के हालातों के मद्देनजर पति के बॉस की बात माननी पड़ती है व वह उसके पास चली जाती है। दोनों के माता-पिता उनसे कोई बात नहीं करते। नाटक के अंत में दिखाया गया कि इंसान को अपनी क्षमता से ऊपर जाकर दिखावे के लिए चादर से बाहर पैर नहीं पसारने चाहिए।

नाटक के बारे में निर्देशिका नम्रता मिश्रा ने बताया कि यह नाटक नार्थ इंडिया में पहली बार खेला जा रहा है और यह मराठी के नाटक चाहूल का हिंदी रूपांतरण है, जिसे मराठी थिएटर और फिल्म डायरैक्टर चंद्रकांत कुलकर्णी ने लिखा है। अनिल देशमुख ने हिंदी में इस नाटक का रूपांतरण किया है। पहली बार इस नाटक को एक्ट्रैस सोनाली कुलकर्णी ने तुषार दलवी के साथ मराठी भाषा में खेला था। इसके अलावा नाटक की निर्देशिका नम्रता ने ही नाटक में पत्नी का किरदार निभाया, वहीं उनके पति के किरदार में गोर्की ने दर्शकों का मनोरंजन किया।

 


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