सरकारी गऊशालाओं में भूख व ठंड से तड़पकर मरने को मजबूर बेजुबान

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Tuesday, November 15, 2016-1:02 PM

श्री माछीवाड़ा साहिब (टक्कर):  सरकार द्वारा अवारा पशुओं की संभाल के लिए लोगों से गऊ टैक्स वसूल कर सरकारी गऊशालाओं का निर्माण किया जा रहा है परंतु इन सरकारी गऊशालाओं में अच्छे प्रबंध न होने से बेजुबान पशू भूख व ठंड से तड़पकर मर रहे हैं। माछीवाड़़ा ब्लॉक के गांव बुर्ज पवात में भी करीब 15 एकड़ में सरकारी गऊशाला का निर्माण किया गया था जिसमें 300 से अधिक पशु है और इनको पिछले एक सप्ताह से खाने के लिए चारा भी नहीं दिया गया और ठंड से बचाव के लिए भी पूरे कमरे नहीं है जिस कारण पिछले 1 सप्ताह में 5 पशु मर चुके हैं। 

 

माछीवाड़ा के नायब तहसीलदार बलविंद्र सिंह ने सरकारी गऊशाला का दौरा किया तो वहां देखा कि पशु भूख से तड़प रहे हैं। सरकारी गऊशाला में काम करते कर्मचारियों ने बताया कि पिछले 1 महीने से पशुओं को जरूरत अनुसार हरा चारा नहीं मिल रहा और इनको केवल तूड़ी व पराली ही दी जा रही है जिसको पशु नहीं खा रहे और वह बीमार हो रहे हैं। इन पशुओं के रहने के लिए जो शैड बनाया हुआ है उसमें केवल 100 पशु ही रह सकते हैं जबकि अन्य पशु खुले आसमान नीचे तड़प रहे हैं जिसके बचाव के लिए गऊशला द्वारा कोई प्रबंध नहीं किया गया। 

 

मौके पर लोगों ने बताया कि सरकार द्वारा लोगों से करोड़ों रुपए का गऊ टैक्स तो वसूला जा रहा है परंतु ये पैसा सरकारी गऊशालाओं में नहीं लगाया जा रहा। मौके पर मौजूद पूर्व सरपंच जोगिंद्र सिंह ने बताया कि उसने 2 महीने पहले गऊशाला के प्रबंधकों को हरा चारा बेचा था परंतु उसकी अभी तक अदायगी नहीं मिली जिस कारण उन्होंने चारे की सप्लाई बंद कर दी । उन्होंने बताया कि यहां पशुओं की संभाल के लिए करीब 20 कर्मचारी चाहिए परंतु यहां केवल 5 से ही काम चलाया जा रहा है और प्रबंधकों द्वारा हरे चारे का प्रबंध न होने के कारण पशु मर रहे हैं।


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