सुरक्षित नहीं हैं एप्पल डिवाइस! IPHONE, IPAD और Mac भी हो सकते हैं हैक

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Saturday, January 06, 2018-2:49 PM

जालंधर: दुनिया में सबसे सुरक्षित कम्प्यूटर व प्रोसैसर होने का दावा करने वाले एप्पल के आई फोन, आई पैड और मैक कम्प्यूटर भी हैकरों के निशाने पर आ सकते हैं। कम्पनी की तरफ से अपने उपभोक्ताओं को किसी तरह की हैकिंग से बचने के लिए एप्पल की तरफ से जारी ताजा अपडेट को डाऊनलोड की सलाह दी गई है। दरअसल इंटैल की चिप का इस्तेमाल करने वाले दुनिया भर के कम्प्यूटर व मोबाइल की सुरक्षा में हैकरों द्वारा सेंध लगाए जाने की संभावना व्यक्त की गई है। एप्पल अपने मैक कम्प्यूटर में इंटैल का प्रोसैसर इस्तेमाल करता है और एप्पल के आई फोन, आई पैड, एप्पल टी.वी. और एप्पल वाच में भी इसी चिप का इस्तेमाल होता है। 
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हैकिंग से बचने के लिए क्या किया जा सकता है
एप्पल द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि अभी तक फिलहाल उपभोक्ताओं की तरफ हैकिंग का प्रभाव पडऩे की कोई खबर नहीं आई है लेकिन कम्पनी के सारे कम्प्यूटर हैकरों के निशाने पर आ सकते हैं। एप्पल की तरफ से उपभोक्ताओं को कहा गया है कि वे विश्वसनीय स्रोत से ही डाटा या सॉफ्टवेयर डाऊनलोड करें। एप्पल के यूजर एप स्टोर से जाकर अपने लिए उपयोगी एप्लीकेशन डाऊनलोड कर सकते हैं। 

एप्पल की तरफ से कहा गया है कि कम्पनी द्वारा 13 दिसम्बर को जारी की गई आई.ओ.एस. 11.2 अपडेट और 6 दिसम्बर को मैक के आप्रेटिंग सिस्टम के लिए जारी की गई 10.13.2 और टी.वी. आप्रेटिंग सिस्टम के लिए 4 दिसम्बर को जारी की गई 11.2 अपडेट किसी भी तरह के हमले से बचाने में सक्षम है जबकि एप्पल के वाच आप्रेटिंग सिस्टम को किसी तरह की अपडेट की जरूरत नहीं है। कम्पनी की तरफ से कहा गया है कि एप्पल के ब्राऊजर सफारी को हमले से बचाने के लिए सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है जिसे आने वाले दिनों में जारी किया जाएगा। कम्पनी का यह नया सॉफ्टवेयर जावा स्क्रिप्ट के जरिए होने वाले संभावित हमले से कम्प्यूटर की रक्षा करेगा। 
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गूगल के प्रोजैक्ट जीरो के शोधकर्त्ताओं द्वारा यह खुलासा किया गया था कि दुनिया भर के सभी कम्प्यूटरों के माइक्रो प्रोसैसरों में दो बड़ी खामियां हैं जिस कारण हैकर मोबाइल, पर्सनल कम्प्यूटर और सर्वर पर चलने वाले कम्प्यूटर के पूरे मैमोरी कंटैंट में सेंध लगा सकते हैं। यह सारी समस्या चिप बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कम्पनी इंटैल के हार्डवेयर में पाई गई खामी के चलते पैदा हुई है। 

दो कमियां पकड़ी गईं
इंटैल की एडवांस होल्डिंग डिवाइस और एम.आर.एम.  होल्डिंग चिप में दो तकनीकी खामियां पाई गई हैं। इन दोनों को मैल्टडाऊन और स्पैक्ट्रे का नाम दिया गया है। गूगल के शोधकत्र्ताओं का कहना है कि दुनिया के 90 फीसदी कम्प्यूटरों में यही माइक्रो प्रोसैसर लगे हुए हैं और इन्हीं प्रोसैसरों के  सहारे दुनिया के तकरीबन हर फोन को चलाया जा रहा है। यानि दुनिया के अधिकतर फोन और कम्प्यूटर हैकरों के निशाने पर आ सकते हैं। 
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क्या कहना है इंटैल का?
इस बीच चिप बनाने वाली कम्पनी इंटैल का कहना है कि इस समस्या से बचाव के लिए कम्पनी ने एक पैच जारी किया है। इस पैच को डाऊनलोड करके और आप्रेटिंग सिस्टम को अपडेट करके संभावित खतरे से बचा जा सकता है। हालांकि इंटैल का सी.ई.ओ. ब्रायन के मुताबिक इससे फोन व कम्प्यूटर 30 फीसदी तक स्लो हो सकते हैं जिस कारण आनलाइन सर्विस से फास्ट डाउनलोडिंग में समस्या आ सकती है। गूगल और माइक्रोसाफ्ट ने भी कहा है कि इस समस्या से बचने के लिए उन्होंने अपने सिस्टम को अपडेट कर लिया है। इसके अलावा दुनिया भर के लाइनैक्स आप्रेटिंग सिस्टम पर चलने वाले कम्प्यूटरों के लिए कम्पनी पहले ही पैच जारी कर चुकी है। 

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