केदार बाबा की यात्रा कल से बहाल, देखें नया रूट प्लान

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Friday, October 04, 2013-1:33 PM

उत्तराखंड त्रास्दी के उपरांत पहली बार केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा का शुभ आरंभ होने जा रहा है। इस यात्रा का आरंभ 1 अक्टूबर से होने वाला था मगर तैयारियां पूर्ण न होने के कारण अब इस यात्रा का आरंभ कल से यानी 5 अक्टूबर से होगा। उत्तराखंड सरकार के अनुसार यात्रा से संबंधित जो भी जरूरी तैयारियां हैं वे समय रहते पूरी कर ली जाएंगी। इस यात्रा में भाग लेने वाले यात्रियों के लिए उत्तराखंड सरकार ने प्लान जारी किया है।

यात्रा प्लान
इस यात्रा का आरंभ सोनप्रयाग से होगा। इसी स्थान पर समस्त यात्रीगण एकत्रित होकर पहले पड़ाव भीमबली के लिए प्रस्‍थान करेंगे। इस जत्‍थे में 130 यात्री होंगे। सोनप्रयाग से भीमबली तक का मार्ग करीब 11 किलोमीटर है। यहां से यह जत्‍था दूसरे पड़ाव लिनचौली के लिए रवाना होगा। दोनों पड़ावों में 130 यात्रियों के लिए सभी सुख सुविधाएं मुहैया करवाई गई है जैसे उनके ठहरने,खाने की व्यवस्था के अतिरिक्त गौरीकुंड में एक डॉक्टर और फार्मासिस्ट की नियुक्ति भी कर दी गई है।

राजधानी देहरादून से केदारनाथ का रूट
देहरादून-ऋषिकेश-श्रीनगर-रुद्रप्रयाग-गुप्‍तकाशी-सोनप्रयाग-मुंडकटिया-गौरीकुंड-भीमबली-लिनचौली-गरुणचट्टी-केदारनाथ

20 किमी चलना होगा पैदल
मुंडकटिया तक वाहनों के द्वारा जाने का रास्ता है। यहां से केदारनाथ करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर है। मुंडकटिया से गौरीकुंड तक का रास्ता 3 और यहां से भीमबली की दूरी 6 किमी है। पहला पड़ाव भीमबली है। वैसे तो यहां 130 यात्रियों के आराम और खाने पीने की व्यवस्‍था है लेकिन जो यात्री स्वंय को सक्षम समझे वो ही आगे जा सकते हैं। भीमबली से 4 किमी दूरी पर लिनचौली है। यहां भी ठहरने और खाने पीने का इंतजाम है। इस पड़ाव से 5 किमी की दूरी पर गरुणचट्टी और फिर वहां से 2 किमी की दूरी पर केदारनाथ है।

यात्रियों के साथ चलेंगे पुलिस के जवान

केदारनाथ यात्रा को लेकर सरकार बहुत सोच समझ कर आगे बढ़ रही है। सोनप्रयाग में पुलिस चौकी की स्थापना की गई है। यहां से यात्रियों के जत्थे के साथ पुलिस के जवान रेडियो सेट लेकर रवाना होंगे।

मंदाकिनी पर बना पुल
भीमबली से मंदाकिनी नदी को पार करने के लिए चार फीट चौड़े पुल का निर्माण किया गया है। दूसरा पड़ाव लिनचौली में स्थापित है। जहां लगभग 100 लोगों के टेंट में रहने का इंतजाम किया गया है। यहां डॉक्टर, पुलिस और प्रशासन के अन्य कर्मचारी भी तैनात होंगे।

यहां प्रशासन ने नि:शुल्क लंगर की व्यवस्था की है। इस स्थान से लगभग साढ़े चार किमी. चढ़ाई चढऩे के उपरांत यात्रियों का जत्था गरुड़चट्टी कैंप पहुंचेगा। यहां प्री फेब्रिकेटेड हट्स और टेंटों में 50-50 यात्रियों के विश्राम करने की व्यवस्था है। गरुड़चट्टी में भी खाने की नि:शुल्क व्यवस्था है।

गुप्तकाशी में होगा स्वास्थ्य परीक्षण
केदारनाथ जाने के चाहवान यात्रियों को अनुमति पत्र गुप्तकाशी स्थित राहत आयुक्त ऑफिस से प्राप्त करना होगा। राजकीय एलोपेथिक अस्पताल गुप्तकाशी में केदारनाथ जाने वाले यात्रियों का नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण होगा।

धाम को नियमित हवाई सेवाएं
गौरीकुंड, भीमबली, लिनचोली, गरुड़चट्टी और केदारनाथ में हेलीपैड बनाए गए हैं। जिलाधिकारी के मुताबिक धाम के लिए हवाई सेवाएं भी नियमित रूप से चलेंगी। इसमें गुप्तकाशी से दो और देहरादून से एक हेलीकॉप्टर उड़ान भरेगा।

सोनप्रयाग में प्रीपेड बुकिंग

केदारनाथ यात्रा में तीर्थयात्रियों के लिए घोड़े-खच्चरों की सुविधा उपलब्ध रहेगी। सोनप्रयाग में घोड़े-खच्चरों की प्रीपेड बुकिंग की व्यवस्था की गई है। मुख्य विकास अधिकारी डा. आएस पोखरिया ने बताया कि सीमित संख्या में रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।


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