आदर्श घोटाला: पीएसी ने की रक्षा मंत्रालय व महाराष्ट्र सरकार की आलोचना

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Thursday, October 17, 2013-9:53 AM

नई दिल्ली: संसद की एक समिति ने रक्षा मंत्रालय और महाराष्ट्र सरकार की प्रशासन के सभी स्तरों पर ‘भारी चूक’ के लिए आलोचना की है। पैनल ने कहा है कि कुछ अधिकारियों द्वारा अपने पद के दुरूपयोग के कारण आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाला हुआ। लोक लेखा समिति (पीएसी) ने आदर्श घोटाला मामले पर अपनी मसौदा रिपोर्ट में कहा कि महत्वपूर्ण पदों पर बैठे कुछ अधिकारियों के समूह ने नियम-कायदे में उलटफेर किया और तथ्यों को भी बदल दिया और सैनिकों के कल्याण, युद्ध की विधवाओं और बच्चों से फरेब किया।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘समिति की छानबीन से पूरी प्रक्रिया में अनियमितताओं का पता चलता है। सोसायटी को जमीन के आवंटन, सेना से अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करने, महाराष्ट्र सरकार द्वारा दी गई कई छूट, साथ लगते जमीन के विकास अधिकारों के लिए बेस्ट की तरफ से अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करने, कुछ अधिकारियों द्वारा निजी लाभ के लिए अपने पद का दुरूपयोग करते हुए तटीय विनियमन क्षेत्र में आवासीय विकास को मंजूरी देने आदि में शुरू से ही गड़बड़ी पाई गईं।’

रिपोर्ट में कहा गया है कि रक्षा मंत्रालय ने जब पूछा कि सोसायटी को एनओसी कैसे दी गई तो सूचित किया गया कि यह रक्षा अधिकारियों द्वारा ‘रक्षा भूमि के कुप्रबंधन, रिकॉर्ड के रखरखाव में खराबी, सेना के कब्जे वाली जमीन के म्यूटेशन में कमी’ के कारण दी गई। सुरक्षा चिंताओं के बारे में पीएसी ने पाया कि कोलाबा इलाके में 31 मंजिले भवन के निर्माण में इसकी उपेक्षा की गई। पीएसी ने सरकार से कहा कि वह सुनिश्चित करे कि ऐसी घटनाएं फिर नहीं हों और ‘इस पर आगे टिप्पणी नहीं की क्योंकि मामला अदालत में विचाराधीन है।’


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