पत्नी एवं बच्चे को 10 हजार रूपए गुजारा भत्ता देने का निर्देश

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Thursday, October 17, 2013-5:19 PM

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने एक व्यक्ति को घरेलू हिंसा की वजह से उससे अलग मायके में अपने बेटे के साथ रह रही उसकी पत्नी को अंतरिम मुआवजा के रूप 10,000 रूपए प्रतिमाह देने का निर्देश दिया है। जिला न्यायाधीश आर के गौबा ने दिल्ली निवासी इस व्यक्ति की यह दलील खारिज कर दी कि वह महज 5000 रूपए प्रतिमाह कमा रहा है।

अदालत ने कहा, ‘बहस से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रथम दृष्टया घरेलू हिंसा का मामला बनता है। पूर्ण जांच के बाद मुद्दे स्वाभिक रूप से हल हो जायेंगे लेकिन उसे मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट निश्चित समय के दौरान संज्ञान लेंगे।’ अदालत ने कहा,‘लेकिन तथ्यों एवं परिस्थितियों को देखते हुए इस बात में कोई संदेह नहीं है कि पत्नी और बच्चा गुजारा भत्ता की दृष्टि से अंतरिम राहत के हकदार हैं।’ जिला न्यायाधीश का आदेश इस व्यक्ति की मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश के खिलाफ अपील पर आया है। मजिस्ट्रेट अदालत ने चार अप्रैल को अंतरिम गुजारा भत्ते की उसकी पत्नी की मांग मान ली थी। दोनों की वर्ष 2005 में शादी हुई थी और उनका एक बच्चा भी है।


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