मानसून के विदा होने के बाद चारधाम तीर्थयात्रियों की संख्या बढने की उम्मीद

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Friday, October 18, 2013-4:08 PM

देहरादून: मानसून के विदा होने से चारधाम यात्रा में श्रद्घालुओं की संख्या में बढोत्तरी की उम्मीद जगी है। हालांकि यात्रा समाप्त होने में अब सिर्फ एक महीने का समय बचा है। बद्रीनाथ धाम के कपाट 18 नवंबर को बंद होने के साथ ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा समाप्त हो जायेगी। केदारनाथ और यमुनोत्री जहां दीवाली के बाद भैयादूज के पर्व पर बंद होंगे, वहीं गंगोत्री के कपाट एक दिन पहले अन्नकूट पर्व पर बंद हो जायेंगे। आपदा के कारण करीब तीन महीने बंद रही यात्रा में अब श्रद्घालुओं की संख्या में इजाफे की उम्मीद को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय व्यवसायियों को उनका बेसब्री से इंतजार में हैं।

इस बीच, बुधवार की शाम को रूद्रप्रयाग के फाटा क्षेत्र में हुए भूस्खलन से टूट कर खाई में चली गयी सडक के कारण अवरूद्घ हो गये रिषिकेश-केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग को आज लगातार तीसरे दिन भी खोले जाने के प्रयास जारी रहे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सीमा सडक संगठन मार्ग को दुरूस्त करने के काम में लगा हुआ है और जल्द से जल्द वहां यातायात सुचारू करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने उम्मीद जतायी कि मानसून के विदा होने के बाद सडक ठीक करने के काम में तेजी आयेगी और जल्द ही उसे वाहनों के लिये खोल दिया जायेगा। गौरतलब है कि गत जून में नदी में आयी बाढ की वजह से राजमार्ग को कुछ हिस्सा धंस गया था, लेकिन वहां यातायात चल रहा था। इस भूस्खलन से करीब 50 मीटर सडक का हिस्सा टूट कर खाई में गिर गया।


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