आरूषि हत्याकांड: वकीलों की हड़ताल, शुरू नहीं हो पाईं बचाव पक्ष की दलीलें

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Friday, October 18, 2013-5:04 PM

गाजियाबाद: वकीलों की हड़ताल के चलते आरूषि-हेमराज हत्याकांड में आज यहां विशेष सीबीआई अदालत में बचाव पक्ष की दलीलें शुरू नहीं हो पाईं । वकील पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की पीठ स्थापित किए जाने की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे हैं । अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्याम लाल की अदालत ने अब बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलों की शुरूआत के लिए 21 अक्तूबर की तारीख निर्धारित की है ।

राजेश और नूपुर तलवार के वकील मनोज सिसौदिया ने कहा, ‘‘पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की पीठ की स्थापना किए जाने की मांग को लेकर वकीलों की हड़ताल के चलते बचाव पक्ष अपनी दलीलें शुरू नहीं कर सका । अब, अदालत ने बचाव पक्ष की दलीलों की शुरूआत के लिए 21 अक्तूबर की तारीख निर्धारित की है ।’’ तलवार दंपती अपनी बेटी आरूषि और घरेलू सहायक हेमराज की हत्या के मामले में मुकदमे का सामना कर रहे हैं । यह हत्याकांड 2008 में 15-16 मई की रात हुआ था । अभियोजन ने कल अपनी दलीलें पूरी कर ली थीं । उसने आरोप लगाया था कि पारिस्थितिजन्य साक्ष्यों की कड़ी से यह साबित होता है राजेश और नूपुर तलवार ने ही आरूषि तथा हेमराज की हत्या की थी ।

विशेष सीबीआई लोक अभियोजक आरके सैनी ने दलीलों के दौरान कल कहा था, ‘‘हमारी दलीलों से, समान इरादे से हत्या :धारा 302-34: और साक्ष्य मिटाने :धारा 201-34: के आरोप दोनों आरोपियों पर साबित होते हैं ।’’ सैनी ने कहा था, ‘‘इसके अतिरिक्त, पुलिस थाने में गलत प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए भादंसं की धारा 203 भी राजेश तलवार पर साबित होती है ।’’ उन्होंने दावा किया था कि दंत चिकित्सक दंपती ने विभिन्न अवसरों पर जांच के दौरान जांचकर्ताओं को ‘‘गुमराह’’ किया और वे साक्ष्य नष्ट करने में शामिल थे ।


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