आरुषि मर्डर केस: नलिनी सिंह का दावा, कत्ल की रात घर में थे 7 लोग

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Saturday, October 19, 2013-12:05 PM

नई दिल्ली: आरुषि मर्डर केस मामले में एक न्यूज चैनल ने एक नया खुलासा किया हैं। न्यूज चैनल के इस खुलासे ने सीबीआई की जांच को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। मशहूर टीवी पत्रकार नलिनी सिंह का दावा है कि 2008 में आरुषि व हेमराज के कत्ल के कुछ दिन बाद सीबीआई ने उनसे पूछताछ की थी।

नलिनी सिंह ने बताया कि सीबीआई का एक आईओ अनुज आर्या 2008 में उनके पास आया था। आईओ ने पूछताछ के दौरान उनसे उनके एक नेपाली चैनल को लेकर जानकारी मांगी कि आरुषि व हेमराज के कत्ल के वक्त उनके चैनल पर क्या चल रहा था? उन्होंने पूछा कि 15 मई, 2008 की रात को करीब 11.45 बजे उनके चैनल पर क्या दिखाया गया?

हेमराज की लाश मिलने के बाद शक की सूई हेमराज के दोस्तों की तरफ घूमी, इसलिए कृष्णा, राजकुमार और विजय मंडल के पॉलीग्राफ, ब्रेन मैपिंग और लाई डिटेक्टर टेस्ट हुए। कृष्णा राजेश तलवार के क्लीनिक में हेल्पर था। राजकुमार तलवार दंपति के मित्रों डॉ. प्रफुल्ल और अनीता दुर्रानी का नौकर था और विजय मंडल एक पड़ोसी के घर में काम करता था।

नारको टेस्ट में राजकुमार ने बताया था कि उस रात वह तलवार दंपति के घर पर कृष्णा और हेमराज के साथ शराब पी रहा था। करीब 11.45 से 12 के बीच रात को उन्होंने नेपाली चैनल पर गाने भी देखे। नारको में उसने गाने को गुनगुनाकर भी बताया। सीबीआई की जांच में यह साफ हो गया, जब नलिनी सिंह ने वही गाना उस वक्त अपने चैनल पर प्रसारित होने की पुष्टि कर दी। सीबीआई ने नलिनी को यह भी बताया कि अगले कुछ दिनों में वे हत्यारे को पहचान लेंगे।

अनुज आर्या ने नलिनी को यह भी बताया कि हत्या वाली रात उस घर में तलवार दम्पति, आरुषि व हेमराज के साथ-साथ बाहर के तीन नौकर भी थे। नलिनी के चैनल पर दिखाए गाने के बाद यह बात पुख्ता हो गई थी कि राजकुमार नारको में सच बोल रहा था। नलिनी को आईओ ने बताया कि कत्ल की रात घर में 4 नहीं बल्कि 7 लोग थे।

वहीं इससे पहले सीबीआई ने दावा किया था कि डॉक्टर दंपति ने जांच के दौरान जांचकर्ताओं को विभिन्न अवसरों पर ‘‘गुमराह’’ किया और वे साक्ष्यों को नष्ट करने में शामिल थे। सीबीआई के विशेष अभियोजक आर. के. सैनी ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्याम लाल की अदालत से कहा कि राजेश ने हेमराज के शव की पहचान नहीं की और उन्होंने अपने अपार्टमेंट के बाहरी लोहे के दरवाजे को हटा दिया था ताकि जांच को गुमराह किया जा सके।

सीबीआई ने यह भी दलील दी कि आरुषि का हेमराज के साथ शारीरिक संबंध था और नूपुर ने इस तथ्य को छिपाने के लिए आरुषि के गुप्तांगों को भी साफ किया था। विशेष सीबीआई अभियोजक आर के सैनी ने कहा, ‘‘अपराध स्थल की सफाई की गई। जिस बिस्तर पर आरुषि का शव पाया गया था उसपर एक भी सिलवट नहीं थी।’’ सीबीआई ने यह भी दलील दी कि सेवा प्रदाता के अनुसार इंटरनेट राउटर को अपराध की रात खोला-बंद किया गया था। यह दर्शाता है कि तलवार दंपति जाग रहे थे और इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे थे और वे आरुषि के कमरे में हो रही घटनाओं के बारे में जान रहे थे। मामले में अंतिम दलील के तीसरे दिन सैनी ने कहा कि जिस चादर पर आरुषि का शव पड़ा था उसपर गीलेपन का दाग पाया गया जो दर्शाता है कि उसके गुप्तांगों की भी सफाई की गई थी। सीबीआई की कहानी के अनुसार आरुषि का हेमराज के साथ शारीरिक संबंध था और नूपुर ने इस तथ्य को छिपाने के लिए उसके गुप्तांगों को भी साफ किया था।


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