महाराष्ट्र में मिले डायनासोर के जीवाश्म

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Saturday, October 19, 2013-8:36 PM

अमरावती : महाराष्ट्र के सालबार्दी क्षेत्र से पृथ्वी पर अब तक पाए गए सबसे विशाल जीव डायनासोर की अस्थियों एवं अंडों के जीवाश्म पाए गए हैं। प्राप्त जीवाश्मों के आधार पर इन जीवों की लंबाई करीब 18 से 20 मीटर और वजन 10 से 13 टन होने का अनुमान है। एक भूविज्ञानी ने शनिवार को यह जानकारी दी। ये जीवाश्म एसजीबी अमरावती विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग के प्राचार्य ए. के. श्रीवास्तव एवं उनके शोध छात्र आर. एस. मानकर के नेतृत्व में एक दल द्वारा छह वर्षों की कड़ी मेहनत का नतीजा हैं।

मानकर ने बताया, ‘‘ये जीवाश्म अवसादी शैलों में पाए गए। इन अवसादी शैलों को भौगोलिक दृष्टि से लामेटा फॉर्मेशन कहते हैं, तथा इनका निर्माण उत्तर क्रिटेशस काल में हुआ।’’ श्रीवास्तव ने बताया कि यहां एक विशाल झील थी, जिसमें इन लामेटा अवसादी शैलों का निर्माण हुआ। जीवाश्मों का विस्तृत अध्ययन करने के बाद पता चला कि ये करीब 6.6 से 7.1 करोड़ वर्ष प्राचीन हैं। मानकर ने आगे बताया कि इस काल में डायनासोर की एक प्रजाति टिटैनॉसॉरस कोलबर्टी भी इस क्षेत्र में वास करती थी और प्रजनन करती थी।

श्रीवास्तव ने बताया कि यह उल्लेखनीय खोज एवं डायनासोरों की हड्डियों पर किया गया अध्ययन प्रतिष्ठित विज्ञान शोध पत्रिका ‘करेंट साइंस’ के ताजा अंक में प्रकाशित हुआ है। मानकर ने बताया कि यह भारत में अब तक पाया गया डायनासोर का पहला जीवाश्म नहीं है, बल्कि इससे पहले नागपुर, चंद्रपुर एवं अब अमरावती से डायनासोर के जीवाश्म मिले हैं। इसके अलावा मध्यप्रदेश के जबलपुर एवं गुजरात के खेड़ा गांव से भी डायनासोर के जीवाश्म मिल चुके हैं।


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