कांग्रेस के मंत्रियों ने सर्वे में दिखाए आंकड़ों को बताया फर्जी

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Sunday, October 20, 2013-3:07 PM

 नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के तीन वरिष्ठ मंत्रियों ने शनिवार को फिर भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि जब सत्ता में आने से पहले ही भाजपा नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं तो फिर सत्ता में आने के बाद क्या करेंगे इसे आसानी से महसूस किया जा सकता है। उन्होंने भाजपा नेताओं की खिल्ली उड़ाते हुए कहा कि भाजपा नेताओं में सर्वे कराकर यह दिखाने की होड़ मची है कि पब्लिक की नजरों में वह मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे योग्य हैं। मंत्रियों ने कहा कि जिस पार्टी में मुख्यमंत्री पद के लिए अभी से इतनी खींचतान चल रही है तो भविष्य में क्या होने वाला इसकी तस्वीर साफ है।   

 
मुख्यमंत्री आवास पर शनिवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में शहरी विकास मंत्री अरविन्दर सिंह लवली, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री हारून सुसूफ तथा लोक निर्माण मंत्री राजकुमार चौहान ने भाजपा पर हमला जारी रखते हुए कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विजय गोयल बौखलाहट के शिकार हो गए हैं क्योंकि भाजपा नेताओं में मुख्यमंत्री पद के लिए जबर्दस्त खींचतान चल रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 15 सालों से हम सत्ता में बने हुए हैं जो इस बात का सबूत है कि हम केवल काम के प्रति जिम्मेदार हैं।
 
उन्होंने कहा कि हमारा और जनता का रिश्ता केवल चुनाव के समय का नहीं है यह पूरे पांच साल का है और हम साल के बारह महीने जनता के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा व अन्य दलों के सर्वे झूठे और गलत हैं इसलिए हमें इनकी कोई चिंता नहीं लेकिन यह प्रजातंत्र के लिए सही नहीं है।  हारून युसुफ  ने कहा कि भाजपा झूठे इल्जाम लगाने की अपनी आदत से बाज नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा पानी और बिजली की किल्लत से संबंधित झूठे आंकड़े जनता के समक्ष रख रही है जबकि कांग्रेस ने पानी और बिजली की बढ़ती मांग से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए है। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार झूठे आरोप लगा रही है लेकिन उससे वह चुनाव नहीं जीत सकती। लोक निमार्ण मंत्री ने कहा कि झूठे आंकड़े दिखाकर भाजपा लोगों की सोच में बदलाव नहीं ला सकती। उन्होंने बताया कि भाजपा का दावा है कि राष्ट्रमंडल खेलों में 70 हजार करोड़ रूपए खर्च किए गए जबकि संसद में पेश की गयी कैग की रिपोर्ट के अनुसार कुल बजट 18,532 करोड़ रूपए का था तथा दिल्ली सरकार द्वारा लगभग 7 हजार 800 करोड़ रूपए ही खर्च किए गए जिसमें 2007 से 2010 की अवधि के बीच में शहर में ढांचागत निर्माण पर खर्च की गयी राशि भी शामिल है। उन्होंने कहा कि मैं पूछना चाहूॅगा कि क्या भाजपा बता सकती है कि उन्हें 70 हजार करोड़ रूपए का आंकड़ा कहां से प्राप्त हुआ।
 
 

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