15 साल तक सत्ता में रहने के बाद भी नहीं बनवाया अस्पताल

  • 15 साल तक सत्ता में रहने के बाद भी नहीं बनवाया अस्पताल
You Are HereNcr
Monday, October 21, 2013-11:53 AM


पूर्वी दिल्ली, (निहाल सिंह) : कांग्रेस के गढ़ में भेद लगाकर त्रिलोकपुरी विधानसभा से पहली बार जीत कर आई भारतीय जनता पार्टी को अब इस सीट को चुनौती के रूप में लेना होगा तो वहीं कांग्रेस को भी जीतने के लिए जी जान लगानी पड़ेगी। वर्तमान विधायक को अब जनता की नराजगी के साथ सवालों से भी निपटना होगा। क्षेत्र में सीवर, स्वच्छ पेयजल, और अपराध की बढ़ती घटनाओं से जनता परेशान है, जिसका जवाब विधायक को इस चुनाव में देना होगा।
इलाके में अस्पताल न होना लोगों के बड़ी समस्या है, वहीं बारिश के दौरान जगह-जगह जलभराव से लोग काफी परेशान होते हैं। इस पर विधायक का कहना है कि करीब 15 साल से यहां पर सत्ता में रहे कांग्रेस ने इस क्षेत्र का बुरा हाल कर रखा था, लेकिन पिछले पांच साल में काम हुआ है हालांकि  बहुत कुछ किया जाना बाकी है। अगर पार्टी और जनता मुझे दोबारा मौका देती है तो क्षेत्र में और काम किए जाएंगे।

प्रमुख इलाके:

त्रिलोकपुरी, चिल्ला गांव , न्यू अशोक नगर, कोटला गांव, मयूर विहार

चुनावी फैक्टर :
1.    एस.सी. कोटे से आरक्षित इस क्षेत्र में वाल्मीकि समाज की भूमिका अहम होती है।
2.    कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाली इस सीट पर आप पार्टी के उतर जाने से भाजपा को फायदा हो सकता है।
3.    इलाके में अस्पताल और पेयजल संकट लोगों के लिए अहम समस्या है, जिसकी मांग पिछले कई सालों से की जा रही है,

लेकिन अभी तक इस क्षेत्र की जनता को अस्पताल नहीं मिल पाया है। यह मुद्दा विधायक को खतरे में डाल सकता है।

चुनावी मुद्दे:

घनी आबादी वाली इस विधानसभा के पास अपना न तो कोई जच्चा -बच्चा केन्द्र है और न ही कोई अस्पताल। जनता को दूसरी विधानसभा के लाल बहादुर अस्पताल की ओर रुख करना पड़ता है। इसलिए इस क्षेत्र में काफी समय से डिसपेंसरी के साथ अस्पताल की मांग की जा रही है। इसलिए इस चुनाव में अस्पताल का मुद्दा काफी अहम चुनावी मुद्दा बन सकता है।
सीवर की समस्या
इस विधानसभा में कई अनाधिकृत कॉलोनिया
है जिनमें सीवर न होने की समस्या है। और जहां पर सीवर है वहां सीवर जाम होना भी लोगों के लिए समस्या का सबब बना हुआ है।


जलभराव की समस्या
बरसात के समय में इस इलाके में जलभराव लोगों के लिए बहुत बड़ी समस्या बन जाता है जिस पर अक्सर लोग विधायक को कोसते हुए नजर आते हंै। इलाके में घनी आबादी और फिर जलभराव के चलते लोगों के बीमार होने का खतरा बना रहता है।

अपराध बना सिर का दर्द :
इलाके में रोजाना कई झगड़े होना आम बात हो गई है। साथ ही इलाके में अपराध भी बढ़ी तेजी से बढ़ता जा रहा है। बढ़ते अपराध के चलते इलाके की कानून व्यवस्था का बुरा हाल है।
पिछला इतिहास
-    दिल्ली विधानसभा के गठन के साथ ही इस सीट पर तीन बार कांग्रेस का कब्जा रहा था।
-    इलाके में तीन बार कांग्रेस से विधायक रह चुके ब्रह्मपाल का टिकट कटने से भाजपा ने इस सीट को कब्जा कर लिया।

जनता की राय :

इलाके में समस्याओं की कमी नहीं, पूरे इलाके में जगह- जगह गंदगी से लोगों को बुरा हाल है। इलाके में आवारा पशुओं की वजह से सड़क हादसों में बढ़ोत्तरी हो रही है। अगर क्षेत्रीय विधायक ने इन समस्याओं पर ध्यान दिया होता तो इलाके के हालात ही कुछ और होते।
 - राज किशोर

इलाके में काम तो हुए हैं पर विधायक ने क्षेत्र को परिवहन से जोडऩे के लिए प्रयास नहीं किए। शायद इसलिए विधानसभा में लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए ग्रामीण सेवा का सहारा लेना पड़ता है। इसके साथ ही बस का बहुत देर तक इंतजार करना लोगों के लिए बहुत बढ़ी परेशानी है।
- प्रेमचंद

विपक्ष के तर्क
इलाके में बरात घर, सड़़क और स्व'छ पानी की सुविधा नहीं हैं,जिसकों लेकर विधायक जी ने काफी वायदे जनता से किए थे। क्षेत्र में गरीब ब'चे रहते है जिसके लिए पुस्तकालय की मांग भी काफी लंबे समय से की जा रही है पर विधायक जनता से जुड़े हर मुद्दे पर कार्य करने में असफल रहे हैं। इलाके में विधायक निधि से कम सांसद निधि से 'यादा कार्य हुए हंै जिस पर विधायक जी ने अपने बोर्ड लगवा दिए।
-अंजना पारचा, पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी,
15 साल से क्षेत्र में शासन कर रही कांग्रेस पार्टी ने क्षेत्र को नरक में तब्दील कर रखा था, पहली बार भाजपा के इस सीट पर जीत जाने से कांग्रेस के लोग पार्टी और मेरे खिलाफ शुरू से ही दुष्प्रचार कर रहे हैं। रही समस्याओं की बात तो जनता की समस्या के लिए में दिन में दो बार अपने कार्यलय में बैठता हूं और जो भी समस्या मेरी नजर में आती है उसे जल्द से जल्द समाधान तक ले जाने का प्रयास किया जाता है। इलाके में बहुत काम हुए हैं और बहुत करने बाकि है।
-    सुनील कुमार वैद्य, भाजपा विधायक

पिछले आंकड़े:

सुनील वैद्य - 30781   
अंजना -  30147

634 वोट से जीत हुई थी

Edited by:Jeta

विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You