अगर पाक अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो भारत चुप नहीं रहेगाः उमर

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Monday, October 21, 2013-3:08 PM

श्रीनगर: भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं मिलने के बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आज कहा कि यदि पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करना जारी रखता है तो केंद्र को अन्य विकल्पों पर विचार करना होगा।  

अब्दुल्ला ने यहां एक कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘ निस्संदेह यह एक तरफा मामला नहीं हो सकता। ऐसी स्थिति नहीं हो सकती कि हम भुगतते रहे और कोई प्रतिक्रिया भी न दें।’’   उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करना जारी रखता है तो केंद्र को अन्य विकल्पों की तलाश करनी चाहिए।अब्दुल्ला ने भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों के बीच न्यूयार्क में हुई बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि मनमोहन सिंह ने भारत की चिंताओं को बहुत स्पष्ट तरीके से सामने रखा। 

  उन्होंने कहा, ‘‘ एक ऐसी व्यवस्था पर विचार किया गया था जिसके तहत दोनों देशों के सैन्य अभियान महानिदेशक(डीजीएमओ) नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शांति बनाए रखने पर चर्चा करेंगे। ऐसा अब तक नहीं हुआ है। मेरा मानना है कि यह एक ऐसा विकल्प है जिस पर काम किए जाने की जरूरत है और ऐसा नहीं होने पर भारत सरकार को स्पष्टत: उसी तरह प्रतिक्रिया देने पर विचार करना होगा। ’’   इस वर्ष संघर्ष विराम के कुल 136 मामले दर्ज किए गए हंै। पिछले आठ वर्षों में सबसे अधिक बार संघर्ष विराम का उल्लंघन इसी वर्ष किया गया है।   उमर ने कश्मीर मसले के समाधान के लिए अमेरिकी हस्तक्षेप की मांग करने के कारण पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की कड़ी आलोचना की।   उन्होंने कहा, ‘‘ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री स्पष्ट रूप से अपने अनुभव से जानते हैं कि भारत जम्मू कश्मीर के मामले में किसी प्रकार के विदेशी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा। यह स्पष्ट करें कि (कश्मीर में) किसी प्रकार की मध्यस्तता या किसी तीसरे दल की किसी प्रकार की भूमिका नहीं है। इस बात पर दोनों देशों के बीच सहमति बनी है।’’

अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘ कृपया याद रखें कि दशकों पहले किए गए ताशकंद समझौते का एक बड़ा पहलू यह था कि उस युद्ध में भारत ने जिन क्षेत्रों को जीता था, उन्हें वापस पाने के लिए पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे पर किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के अपने दावे को छोड़ देगा। कुछ कारणों से पाकिस्तान इन समझौते के उन पहलुओं को भूल जाना चाहता है जो उसके अनुरूप नहीं है।’’  इससे पहले मुख्यमंत्री ने पुलिस शहीद स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि पाकिस्तान संघर्ष विराम का उल्लंघन करना जारी रखता है तो भारत को अन्य विकल्पों पर विचार करना होगा।

  उन्होंने कहा, ‘‘यदि वे संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हैं तो हम केवल शब्दों से प्रक्रिया नहीं देंगे। हमें अन्य विकल्पों को भी तलाश करना होगा। यदि सीमा के पास रह रहे हमारे लोगों को निशाना बनाया जा रहा है तो हमें पता है कि इसका उसी तरह जवाब कैसे देना है लेकिन अभी तक हम ऐसा नहीं करना चाहते।’’   अब्दुल्ला ने कहा कि भारत इसलिए संयम अपना रहा है ताकि लोगों को कष्ट न हो।  उन्होंने कहा, ‘‘ हम नहीं चाहते कि आम लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़े लेकिन लगातार संघर्ष विराम उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आज गांव सुनसान हो रहे हैं... लोग अपने खेतों और अपने घरों को छोड़ रहे हैं और बच्चे स्कूल जाना छोड़ रहे है। इसका कारण है कि पाकिस्तान संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहा है।’’

 


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