सपा को मोदी की रैली से ज्यादा भीड़ जुटाने की फिक्र

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Tuesday, October 22, 2013-4:52 PM

लखनऊ: आगामी 29 अक्टूबर को आजमगढ़ में रैली के जरिए लोकसभा चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करने जा रही समाजवादी पार्टी (सपा) के सामने इस रैली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की कानपुर रैली से ज्यादा भीड़ जुटाने की चुनौती है, क्योंकि सपा की इस रैली की तुलना मोदी की कानपुर रैली से होगी।

कानपुर में 19 अक्टूबर को मोदी की रैली के जरिए भाजपा ने उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव प्रचार अभियान का आगाज किया। मोदी की रैली में दो लाख से ज्यादा भीड़ जुटी थी। अब सपा आजमगढ़ से उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव प्रचार की शुरुआत करने जा रही है। आजमगढ़ रैली की तुलना मोदी की कानपुर रैली से होगी। ऐसे में सपा नेतृत्व चाहता है कि इस रैली में भीड़ मोदी की रैली से कम न हो।

शायद इसी चिंता में सोमवार को सपा राज्य कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी नेताओं को रैली में ज्यादा से ज्यादा भीड़ जुटाने के निर्देश दे दिए गए हैं। समाजवादी पार्टी के राज्य कार्यकारिणी के एक वरिष्ठ नेता ने आईएएनएस से कहा कि पूर्वांचल से ताल्लुक रखने वाले मंत्रियों और आजमगढ़ व आस-पास के जिलों के विधायकों को अपने अपने क्षेत्र से लोगों को लाकर रैली में भीड़ जुटाने को कहा गया है।

उन्होंने कहा कि सपा नेतृत्व को लगता है में मोदी की रैली से अगर तीन लाख लाख से ज्यादा भीड़ जुटेगी तो इससे कार्यकर्ताओं और नेताओं में जोश का संचार होगा। आजमगढ़ रैली को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव संबोधित करेंगे। माना जाता है कि किसी नेता की रैली में भारी भीड़ जुटने से उसकी राजनीतिक हैसियत और लोकप्रियता का अंदाजा तो लगता ही है साथ ही भारी भीड़ से पार्टी के पक्ष में हवा बनती है।

सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी कहते हैं कि बीते विधानसभा चुनाव में भी सपा ने आजमगढ़ में रैली के जरिए चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत थी। रैली में ऐतिहासिक भीड़ जुटी थी और पार्टी को चुनाव में विजयश्री मिली थी। यही हाल आगामी लोकसभा चुनाव में भी होगा।

चौधरी ने कहा कि रही बात आगामी आजमगढ़ रैली की मोदी की कानपुर रैली की तुलना से की तो मोदी की रैली में आई भीड़ को पैसे देकर लाया गया था, लेकिन सपा की रैली में मजदूर, किसान, युवा और महिलाएं सभी अपनी खुशी से आएंगे। गरीबों, किसानों और युवाओं के बीच मुलायम सिंह यादव से ज्यादा लोकप्रिय कोई नहीं है।



 


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