अकाली दल का ऐलान, 16 सीटों पर लड़ेंगे चुनाव

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Wednesday, October 23, 2013-2:54 PM

नई दिल्ली: दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस, भाजपा और आम आदमी पार्टी के बाद चौथी पार्टी शिरोमणि अकाली दल (बादल) भी मैदान-ए-जंग में कूद गया। पार्टी की दिल्ली ईकाई ने आज विधिवत रूप से दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 16 सीटों पर उतरने का ऐलान कर दिया है। साथ ही कहा कि इन सभी सीटों पर पार्टी अपने चुनाव निशान तराजू पर ही लड़ेगा।

आज जिन सीटों का खुलासा हुआ उनमें पश्चिम दिल्ली में मोती नगर, राजोरी गार्डन, तिलक नगर, हरीनगर, जनक पुरी, मादीपुर, नांगलोइ, उतरी दिल्ली में शकूर बस्ती, आदर्श नगर, तिमारपुर, यमुनापार में शाहदरा, कृष्णा नगर, रोहताश नगर और दक्षिण दिल्ली में ग्रेटर कैलाश, कालकाजी एवं मध्य दिल्ली की राजेन्द्र नगर सीट है। यह खुलासा आज यहां प्रैस क्लब आफ इंडिया में शिरोमणि अकाली दल (बादल) के प्रदेश अध्यक्ष एवं दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चेयरमैन मंजीत सिंह जी.के. ने किया। उन्होंने भाजपा पर सीधे आरोपों की झड़ी लगाते हुए कहा कि भाजपा ने अकाली दल का मूल्यांकन करने में गुरेज किया।

सहयोगी दल होने के बावजूद भाजपा ने अकाली दल को हमेशा हल्के में लिया। चाहे वह सीटों के बंटवारे की बात हो या फिर भाजपा में मुख्यमंत्री प्रत्याशी के चयन की, अकाली दल को नजरअंदाज किया है। अकाली दल पिछले 2 महीने से अपने खाते की सीटों की डिमांड कर रहा है, लेकिन भाजपा खामोश बैठी रही। आखिरकार अकाली दल की दिल्ली ईकाई ने ‘एकला चलो’ की राह पकड़ते हुए अपने चुनाव चिन्ह पर मैदान में उतरने का फैसला किया है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष  मनजीत सिंह जी.के. ने दावा किया कि उनके दल की पंजाब में सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों के आधार पर दिल्ली में पंजाबी समुदाय को विधानसभा में उचित प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से अकाली दल चुनावी संग्राम में उतर रहा है।


भाजपा के साथ गठबंधन के सवाल पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए अकाली दल के प्रदेश अध्यक्ष मंजीत सिंह जी.के. ने कहा कि भाजपा के साथ हमारा एतिहासिक गठबंधन है और अब हाईकमान फैसला लेगा कि कार्यकत्र्ताओं की भावनाएं सर्वोपरि है या गठबंधन धर्म। दिल्ली इकाई ने अपना फैसला केंद्र्रीय हाईकमान को दिल्ली के प्रभारी बलवंत सिंह रामूवालीया की ओर से तथ्यों के साथ अवगत करवा दिया है। लिहाजा, पूरी उम्मीद है कि कार्यकत्र्ताओं की भावनाओं को ध्यान में रखकर राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पार्टी हित में सकारात्मक फैसला लेगे। उनके मुताबिक हालांकि पिछले हरियाणा विधानसभा चुनाव में हमारे दल ने भाजपा की बजाय इंडियन नैशनल लोकदल के साथ गठबंधन करके 2 सीटों पर चुनाव लड़ा था जिसमें से रोड़ी विधानसभा सीट हम जीते थे।


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