कांग्रेसी विधायकों के टिकट पक्के

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Wednesday, October 23, 2013-6:02 PM

नई दिल्ली, (ताहिर सिद्दीकी): कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी ने दिल्ली की 5वीं विधानसभा चुनावों के लिए अपनी पुरानी सेना पर ही भरोसा किया है। कमेटी ने 43 विधायकों में से 37 को फिर से उम्मीदवार बनाने की सिफारिश केंद्रीय चुनाव समिति से की है। हालांकि अभी इस पर अंतिम फैसला सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय चुनाव समिति ही करेगी। कमेटी की मंगलवार को यहां गुरुद्वारा रकाबगंज स्थित कांग्रेस के वॉर रूम में हुई तीसरे दौर की बैठक में करीब आधा दर्जन विधायकों को पैंडिंग में डाल दिया गया है।

शीला दीक्षित कैबिनेट के 5 मंत्रियों- डॉ. अशोक कुमार वालिया,  राजकुमार चौहान, अरविंदर सिंह लवली, हारून यूसुफ, रमाकांत गोस्वामी और प्रो. किरण वालिया को फिर से उम्मीदवार बनाने पर सहमति बन गई है। दयानंद चंदीला, तरविंदर सिंह मारवाह जैसे नॉन-परफॉर्मर करीब आधा दर्जन विधायकों के भाग्य का फैसला पार्टी अध्यक्षा सोनिया गांधी पर छोड़ दिया गया है। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल का कहना है कि ज्यादातर विधायकों को टिकट देने पर सहमति बन गई है और इनके नामों की सिफारिश केंद्रीय चुनाव समिति से करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस बार पार्टी की प्राथमिकता स्वच्छ छवि वाले उम्मीदवारों का चयन करने की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ज्यादातर सीटिंग विधायकों के नाम केंद्रीय चुनाव समिति में भेजे जाएंगे, लेकिन कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं दिल्ली के प्रभारी डॉ. शकील अहमद ने इस संवाददाता को बताया कि सभी मौजूदा विधायकों को दोबारा टिकट देने पर अभी सहमति नहीं बनी है।

पार्टी की ओर से करवाए गए सर्वे में करीब आधा दर्जन विधायकों के नाम नन-परफार्मर के तौर पर उभरा है। उन्होंने कहा कि अभी इन पर सहमति नहीं बनी है, लेकिन बाकी विधायकों को दोबारा टिकट देने पर सहमति जरूर बन गई। हालांकि उन्होंने नन-परफार्मर विधायकों के नाम बताने से इंकार कर दिया, लेकिन सूत्रों के मुताबिक चंदीला और मारवाह समेत आधा दर्जन विधायकों का पत्ता साफ हो सकता है। डॉ. अहमद ने कहा कि इन विधायकों के बारे में अंतिम फैसला पार्टी की नेता सोनिया गांधी ही करेंगी। ऐसे में अभी यह कहना जल्दबाजी होगा कि इनका पत्ता काट दिया जाएगा।

पार्टी इस बार उम्मीदवारों के चयन में फंूक-फंूक कर कदम उठा रही है। डॉ. अहमद ने बताया कि असल दिक्कत गैर कांग्रेसी सीटों पर उम्मीदवारों के चयन को लेकर है। इन सीटों के लिए कांग्रेस ऐसे चेहरों की तलाश कर रही है जो उसे जीत दिलवा सकें। इनमें कई सीटें ऐसी हैं जिस पर भाजपा 3-4 टर्म से जीतती आ रही है। इन सीटों पर सही उम्मीदवारों की तलाश में पार्टी को पसीने छूट रहे हैं। 


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