चिकित्सीय लापरवाही पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक आदेश

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Thursday, October 24, 2013-1:48 PM

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने चिकित्सीय लापरवाही के एक महत्वपूर्ण मामले में कोलकाता के एएमआरआई अस्पताल को पांच करोड 96 लाख रुपए का मुआवजा देने का आज आदेश दिया। न्यामूर्ति सुधांशु ज्योति मुखोपाध्याय और न्यामूर्ति वी. गोपाल गौडा की खंडपीठ ने अस्पताल की लापरवाही से 1998 में अपनी पत्नी खो चुके डॉ. कुणाल साहा को मिलने वाली मुआवजे की राशि एक करोड 73 लाख रुपए से बढाकर पांच करोड 96 लाख रुपए करने का आदेश  दिया।

डॉ. साहा की अनिवासी भारतीय पत्नी बाल मनारोग विशषेज्ञ डॉ. अनुराधा साहा की मृत्यु कोलकाता के एएमआरआई अस्पताल में चिकित्सीय लापरवाही के कारण हो गई थी। अमेरिका में रहने वाली 36.वर्षीय डॉ. अनुराधा 1998 में भारत आई थी और उसी वक्त उनकी मृत्यु हो गई थी। खंडपीठ की ओर से न्यामूर्ति गौडा ने फैसला सुनाते हुए अस्पताल को यह आदेश सुनाया। चिकित्सीय लापरवाही के मामले में संभवत:भारत की यह सबसे बडी मुआवजा राशि है। खंडपीठ ने कहा कि लापरवाही बरतने के दोषी डॉ. सुकुमार मुखर्जी और डॉ. वैद्यनाथ हलधर को दस-दस लाख रूपये तथा डॉ. बलराम प्रसाद को पांच लाख रुपए अपनी जेब से देने होंगे जबकि शेष राशि अस्पताल प्रबंधन को देनी होगी।


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