पार्टी में सब पर भारी मोदी, राजनाथ को भी माननी पड़ी बात

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Thursday, October 24, 2013-2:04 PM

नई दिल्ली: हर तरफ ‘नमो-नमो’ का बोलबाला हैं। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी का डंका चारों तरफ हैं। इसलिए पार्टी नेता भी अब उनकी हां में हां मिला रहे हैं। ऐसा ही कुछ हाल ही में दिल्ली के सीएम पद के दावेदार के चुनाव के समय देखने को मिला। राजनाथ सिंह ने दिल्ली प्रदेश की कमान सौंपकर विजय गोयल को विधानसभा चुनाव के लिए अप्रत्यक्ष तौर पर भाजपा के चेहरे के तौर पर सामने कर दिया था।

परंतु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और नरेंद्र मोदी के रुख के चलते राजनाथ को दिल्ली में विजय गोयल के मामले में आखिरकार पीछे हटना पड़ा। राजनाथ द्घारा दिल्ली में डॉ. हर्षवर्धन को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने से यह साबित हो गया है कि मोदी अब भाजपा में सभी पर भारी पडऩे लगे हैं। इसका ही नतीजा हैं कि पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह को भी मोदी की सुननी पड़ी। गौरतलब हैं कि नरेंद्र मोदी को जिस अंदाज में फैसले लेते हैं, यह उसी का नतीजा था कि वरिष्ठ नेता आडवाणी को कोपभवन जाने पर विवश होना पड़ा।

राजनाथ के इन नौ माह के कार्यकाल के दौरान इसे पार्टी की अंदरूनी राजनीति में उनके लिए पहला सियासी झटका माना जा रहा है। परंतु सवाल यह भी उठता हैं कि आखिर राजनाथ राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के बावजूद मोदी की हां में हां क्यों मिला रहे हैं।


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