डौंडियाखेड़ा गांव के तार जुड़ें हैं छत्तीसगढ़ से

  • डौंडियाखेड़ा गांव के तार जुड़ें हैं छत्तीसगढ़ से
You Are HereNational
Thursday, October 24, 2013-3:11 PM

रायपुर: सोने की खोज की खुदाई के कारण उत्तप्रदेश के उन्नाव जिले का डौंडियाखेड़ा गांव इन दिनों काफी चर्चा में है। किले के खंडहरों में 1000 टन सोना दबा होने की शोभन साधू के सपने की बात को आधार मान चली खुदाई से देश में काफी खलबली मची हुई है। कहा जा रहा है कि डौंडियाखेड़ा राजपरिवार का एक धड़ा नवापारा राजिम से 12 किलो मीटर दूर ग्राम जौंदा में रहकर अपना जीवन बिता रहा है।  डौंडियाखेड़ा राजवंश के सदस्य राजा केसरी सिंह अपने परिवार के साथ छत्तीसगढ़ आए थे और केसरी सिंह छत्तीसगढ़ के कई जिलों में रहे।

 

अब भी उनके परिवार के सदस्य जौंदा गांव में रहते हैं। सूत्रों के अनुसार मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ की राजधानी के लौहार चौक पर जहां शासकीय कन्या सरस्वती विद्यालय स्थित है, वहां राजा केसरी सिंह ने एक बड़ा मकान बनवाया और वहां पर व्यवसाय भी किया। कहा जाता है कि राजा केसरी ने छत्तीसगढ़ के खारून नदी के किनारे आम पेड़ लगवाए और आज भी उस बाग को राजा केसरी के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है कि राजा केसरी ने राजिम के जौंदा गांव को खरीद लिया था और आज भी उस गांव में राजा के वंशज अपना जीवनयापन कर रहे हैं।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You