मुलायम, अखिलेश ने सपा की रथयात्राओं को दिखाई हरी झंडी

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Friday, October 25, 2013-10:16 AM

लखनऊ: समाजवादी पार्टी(सपा) प्रमुख मुलायम सिंह यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ से 17 पिछड़ी जातियों की अधिकार रथयात्रा व सामाजिक न्याय रथयात्रा को हरी झंडी दिखाकर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया और आशा जताई कि ये रथयात्राएं परिवर्तन का माहौल बनाएंगी और दिल्ली में सत्ता परिवर्तन का संदेश देंगी।

लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में हरी झंडी दिखाने से पहले कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए मुलायम ने कहा कि आज का दिन परिवर्तन और क्रांति का दिन माना जाएगा। 26 साल पूर्व जब सपा की क्रांतिरथ यात्रा चली थी तो कांग्रेस डूबी थी। गैर कांग्रेसी सरकार उनके नेतृत्व में बनी थी। विधान सभा चुनाव से पूर्व अखिलेश यादव के नेतृत्व में रथयात्रा चली तो उत्तर प्रदेश में बहुमत की सरकार बनी।

यादव ने कहा कि लोकसभा में जब उन्होंने 17 पिछड़ी जातियों का सवाल उठाया तो तमाम सांसदों को उनके बारे में जानकारी नहीं थी। सपा ने इनके आंदोलन की नींव रखी। समाज में जिनकी पहचान नहीं थी। गरीब और उपेक्षित उन जातियों को राजनैतिक तथा सामाजिक अधिकारों से वंचित करके रखा गया। सपा ने इनके हाथों में नेतृत्व दिया है।

उन्होंने सचेत किया कि आरक्षण समाप्त करने की साजिशें हो रही हैं। हमें अब ‘आरक्षण बढ़ाओ, आरक्षण बचाओ’ इन दो मोर्चों पर एक साथ लडऩा है। नीतियां खराब हो और नीयत ठीक हो तो काम होगा लेकिन बाकी दलों की नीयत ही ठीक नहीं है। सपा की नीयत साफ है। इन दोनों रथयात्राओं का समापन 14 दिसंबर को लखनऊ  में होगा। इसी दिन रमाबाई अम्बेडकर रैली स्थल (लखनऊ) में सामाजिक न्याय रैली होगी।

उन्होंने कहा कि रथयात्राओं का भारी असर होगा। जन-जन के बीच सघन सम्पर्क से लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की जीत का माहौल बनेगा। उधर विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले डेढ साल से सपा की सरकार है। सपा प्रमुख जनता को बताएं कि उन्होंने इन 17 पिछड़ी जातियों का जीवन स्तर उठाने के लिए क्या किया।

पाठक ने कहा कि सच बात यह है कि केंद्र की सरकार को समर्थन दे रही सपा ने कभी इन 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल कराने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव डालकर गंभीर प्रयास नहीं किया।

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