बस्तर का अबूझमाड अतिसंवेदनशील, 12000 मतदाता और 20000 सुरक्षा जवान

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Friday, October 25, 2013-11:00 AM

जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले का अबूझमाड क्षेत्र नक्सली बहुल होने से अत्यंत ही संवेदनशील क्षेत्र के रूप में चिनहितहत किया गया है। इस क्षेत्र को नक्सलियों का गढ़ कहा जाता है। निर्वाचन विभाग के सूत्रों ने आज बताया कि विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अबूझमाड में व्यापक सुरक्षा इंतजामों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यहां मात्र 12 हजार मतदाता हैं लेकिन शांतिपूर्ण एंव हिंसा रहित मतदान सुनिश्चित करने के लिए इस क्षेत्र में करीब 20 हजार सुरक्षाकर्मियों केा तैनात किया गया है।

 

तीन जिलों की सीमाओं को समेटे नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के अबूझमाड में सभी 28 मतदान केन्द्रो में चुनाव दलों का पहुंचना अत्यंत कठिन कार्य माना जा रहा है। यहां एक मतदान केंद्र बांगुर जहां 300 मतदाता हैं लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए मतदान दल को दुर्गम पहाड़ों और नदी नालों केा पार करते हुए करीब 192 कि.मी. दूरी जिसमें से 40 किमी.की दूरी पैदल चल कर तय करनी पड़ेगी। क्षेत्र की पहुंच विहीनता को ध्यान में रखते हुए 44 मतदान दलों को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने एवं वापस लाने के लिए हेलीकाप्टर का उपयोग किया जाएगा।

 

इतना ही नहीं संपूर्ण अबूझमाड क्षेत्र की हवाई निगरानी भी सतत् किए जाने की व्यवस्था की गई है। अबूझमाड 39 हजार वर्ग कि.मी. के दायरे में फैला हुआ है। इसमें 236 गांव आते हैं। जिनकी कुल जनसंख्या 19 हजार है जिनमें से कुल 12264 मतदाता है। इनमें महिला मतदाताओं की संख्या करीब सात हजार हैं जो पुरुषों से अधिक हैं। संपूर्ण नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में 75000 मतदाता हैं। जिनके लिए 102 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

 

ये सभी नक्सली दृष्टि से अति संवेदनशील माने जाते हैं। इनमें 48 मतदान दलों को निर्धारित मतदान केंद्रो तक पहुंचने के लिए पूरी दूरी पैदल ही तय करनी पड़ेगी इन दलों को मतदान तिथि से चार दिन पहले ही रवाना किया जाएगा तथा 44 दलों को हेलीकाप्टर के द्वारा पहुंचाया जाएगा।


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