डेढ़ दर्जन सीटों पर बीजेपी की हालत पतली

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Friday, October 25, 2013-12:19 PM

नई दिल्ली (सतेन्द्र त्रिपाठी): दिल्ली में सरकार बनाने की सपने देख रही भाजपा के लिए डेढ़ दर्जन सीटें तो एकदम बैचेनी का सबब बनी हुई है। इनमें अनुसूचित जाति की एक दर्जन सीटें और मुस्लिम बाहुल्य सात सीटें शामिल है। इन 19 सीटों में से केवल दो ही भाजपा के पास है।

हालत यह है कि 15 साल सत्ता से दूर रहने के बावजूद भाजपा न तो अनुसूचित जाति और न ही मुस्लिम नेता पैदा कर पाई है। इनमें से कुछ सीटों के लिए प्रत्याशी ढूंढना भी टेड़ी खीर साबित होगा। प्रदेश प्रभारी नितिन गडकारी के सर्वे में भी यह चिंता उभरकर सामने आई है। 1993 में भाजपा सरकार के वक्त 19 में से 11 सीटें भाजपा के पास थी। दिल्ली में 1993 में 13 सीटें एससी के लिए आरक्षित थी। इनमें से नौ पर भाजपा ने जीत पाई थी। अब इन सीटों की संख्या की एक दर्जन है। इनमें से करोलबाग पर सुरेन्द्रपाल रातावाल तीन बार से विधायक है तो दूसरी त्रिलोकपुरी से सुनील कुमार वैद्य विधायक है। इनके अलावा अन्य दस सीटों में से गोकलपुरी को छोड़कर नौ कांग्रेस के पास है।

इन सीटों पर भाजपा की हालत अच्छी नहीं है। करोलबाग को छोड़ दे तो त्रिलोकपुरी पर भी हालत बेहतर नहीं है। करोलबाग सीट से इस बार पार्षद योगेन्द्र चंदौलिया भी टिकट मांग रहे है। गोकलपुरी से पूर्व डिप्टी स्पीकर चौधरी फतेह सिंह व नवीन शाहदरा जिला उपाध्यक्ष रंजीत कश्यप टिकट की दौड़ में है। रंजीत पिछली बार चुके है। देवली सीट से कांग्रेस नेता चौधरी प्रेम सिंह के भाई भीम सिंह, बीएसपी नेता श्रीलाल के बेट गगन के अलावा दलीप व अरविंद दौड़ में है।

कोंडली सीट से पिछली बार चुनाव हारे दुष्यंत गौतम, पूर्व एसडीएम हुकुम सिंह व पार्षद राजकुमार ढिल्लो टिकट की कतार में है। त्रिलोकपुरी से सुनील कुमार वैद्य के अलावा डॉ.हरिशंकर कश्यप भी टिकट मागं रहे हैं। सुलतानपुरी से नंदराम बागड़ी, नरेश मैहरोलिया भी सूची में है। मंगोलपुरी से पिछली बार चुनाव हारे योगेश अत्रेय, राहुल रुखड़ व राम किशन नावडिय़ां कतार में है। योगेश भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के खास बताए जाते हैं। हाल ही में वह एक बलात्कार के मामले में भी फंस गए थे।

अंबेडकर नगर से सुरेश चंद, पार्षद खुशी राम, विशाखा सैलानी, सीमापुरी से रामफल, चंदनपाल सिंह, बवाना से पूर्व में चुनाव हार चुके चौधरी चांदराम, वेदप्रकाश व लक्ष्मण सिंह भी टिकट मांग रहे है। मादीपुर से एबीवीपी नेता राजकुमार फुलवारिया, राजेश लावडिय़ां व दो बार हार चुके कैलाश सांकला, पटेल नगर से रमेश बाल्मीकि, राज महरा व डिप्टी मेयर पूर्णिमा विद्यार्थी चुनाव लडऩे के लिए जी-जान एक किए हुए है।

अब बात कर सात मुस्लिम सीटों की तो चांदनी चौक से पार्षद सुमन गुप्ता , हरिओम गुप्ता  व संजय गौतम, बल्लीमरान से मोतीलाल सोढ़ी, श्यामलाल मोरवाल व मौ.इस्माइल, सदर बाजार से प्रवीन जैन, राजन धीमान व जयप्रकाश, मटिया महल से तलत सुलताना, अतीफ रशीद, मुस्तफाबाद से महक सिंह, जगदीश प्रधान, शिव कुमार शर्मा, ओखला यासीन मलिक, इरफान, श्रीमती बब्बल सेठ, सुरेन्द्र सिंह व सीलमपुर से संजय जैन व कौशल मिश्रा दावेदार है। इनमें से चांदनी चौक व सदरबाजार 1993 में भाजपा जीत चुकी है।

Edited by:Jeta

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