बुंदेलखंड हो रहा बूढ़ा, राहुल अभी भी जवान

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Friday, October 25, 2013-4:27 PM

भोपाल: गांधी परिवार के युवराज और कांग्रेस के उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को मध्‍य प्रदेश के हिस्‍से वाले बुंदेलखंड में अपनी रैली करके गए। राहुल ने भाजपा पर जमकर प्रहार करते हुए कहा था कि 'इंडिया शाइनिंग' की राजनीति के कारण बुंदेलखंड के गरीबों की आवाज दब गई है। लेकिन यहां राजनीति से इतर बात की जा रही है बुंदेलखंड के यौवन की जो धीरे-धीरे ढल रहा है लेकिन गांधी युवराज राहुल के 42 होने पर भी उनकी जवानी अभी कायम है।

 

बुंदेलखंड के युवक 30 की उम्र में ही बूढ़े हो जाते और उनके चेहरे पर झुर्रियां साफ नजर आने लगती हैं और इतनी उम्र होने के बावजूद भी लड़कियों की नजर में राहुल इंडियाज़ मोस्‍ट बेचलर्स हैं। यहां तक कि राहुल को चॉक्‍लेटी ब्‍वॉय भी कहा जाता है लेकिन अगर बात की जाए बुंदेलखंड की तो यह आज भी पिछड़ा इलाका होने के कारण यहां बच्‍चों की शादी 14 से 15 साल की उम्र में कर दी जाती है और 19-20 साल की उम्र तक ये बच्चे खुद मां-बाप बन चुके होते हैं। परिवार की जिम्मेदारी पड़ जाने पर इन्हें नौकरी की  चिंता पड़ जाती है लेकिन बुंदेलखंड में नौकरियों के अभाव के कारण इन युवाओं को पत्थर तोड़ कर अपना गुजारा करना पड़ता है।

 

बुंदेलखंड के अधिकांश जिलों में ऊंचे-ऊंचे पथरीले पहाड़ हैं। देश में ग्रेनाइट पत्‍थरों की सप्‍लाई सबसे ज्‍यादा यहीं से होती है। पत्थर को तोड़ते हुए उसका चूरा युवाओं के शरीर में चला जाता है और 20-25 साल के नौजवान 40 या 60 साल के नजर आने लगते हैं। ये किसी एक युवक की कहानी नहीं है जो भी परिवार  वहां पत्थर तोड़ने का काम करता है उनका ज्यादातर यहीं हाल होता है। अब सभी के दिमाग में एक सवाल कौंध रहा होगा कि आखिर बुंदेलखंड के बूढ़ा होने को राहुल के साथ क्यों जोड़ा गया वो इसलिए जोड़ा गया क्योंकि इसका कारण है केंद्र की ओर से आ रहा पैकेज और राहुल की रैलियां।

 

राहुल पिछले 10 साल से बुंदेलखंड आ रहे हैं और हर बार जब भी आते कहते हैं कि केंद्र ने पैसा भेजा, लेकिन वो पैसा राज्‍य खा गया। लेकिन राहुल के इस बयान पर भी सवाल खड़ा होता है कि केंद्र ने अपने भेजे रुपए को ऑडिट क्‍यों नहीं करवाया और क्यों नहीं पता किया कि भेजा गया पैसा किस तरह के विकास में इस्तेमाल हुआ और अगर विकास नहीं हुआ तो सारा पैसा गया कहां? अगर केंद्र सरकार ने पैसा भेजा लेकिन राज्य की भाजपा सरकार उस पैसे को खा गई तो ऑडिट रिपोर्ट को राहुल राज्य की जनता को दिखा सकते हैं ताकि राज्य की जनता भाजपा को वोट न दे लेकिन कोई सबूत तो हो।

 

2006 के बाद से बुंदेलखंड में बारिश कम होने की वजह से कुल अनाज का योगदान सिर्फ 6.5 प्रतिशत रह गया है। बुंदेलखंड एक तरफ मौसम की मार झेल रहा है तो दूसरी तरफ नेताओं की बेरुकी सह रहा तो फिर ऐसा हाल में बुंदेलखंड जवान कैसे होगा। गौरतलब है कि कल राहुल ने कहा था कि गरीब जनता की चीखें 'इंडिया शाइनिंग' के कारण सुनी नहीं जा सकी। यही वजह है कि मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में फैले बुंदेलखंड अंचल में अब भी स्थिति दयनीय बनी हुई है।

 

राहुल ने कहा कि बुंदेलखंड अंचल में वर्ष 2008 में भयानक सूखा पड़ा था लेकिन राज्य सरकारों ने इस क्षेत्र के लिए कुछ नहीं किया। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने बुंदेलखंड पैकेज का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत इस अंचल के लिए काफी धनराशि केंद्र सरकार की ओर से भेजी गई लेकिन उसका सदुपयोग नहीं हो पाया।


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