आसाराम की न्यायिक हिरासत बढ़ी, जेल में ही मनाएंगे दीवाली

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Saturday, October 26, 2013-3:54 PM

जोधपुर: नाबालिग से दुराचार के आरोप में जेल में बंद कथावाचक आसाराम तथा इस मामले में सह आरोपियों को आज अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें आगामी 6 नवम्बर तक के लिये न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। यानी आसाराम अब दीवाली जेल में ही मनाएंगे। इस बीच सूत्रों ने बताया कि पुलिस आसाराम समेत पांच आरोपियों के खिलाफ उसी दिन चार्जशीट पेश करेगी।

जिला एवं सत्र न्यायालय (ग्रामीण) न्यायाधीश मनोज कुमार व्यास के समक्ष आसाराम, उसके मुख्य सेवादार शिवा, रसोईया प्रकाश, छिंदवाड़ा गुरूकुल के संचालक शरतचंद्र, छात्रावास की वार्डन शिल्पी को शुक्रवार को भी पेश किया गया था जहां से सभी को शनिवार तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। शनिवार को जांच एजेंसी को अदालत में आरोप पत्र पेश करना था लेकिन आरोपपत्र दाखिल नहीं कर पाने पर अदालत ने आसाराम और उसके सहयोगियों को 6 नवम्बर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इसके चलते अब जोधपुर पुलिस ने कोर्ट से कहा है कि वो 6 नवंबर को आसाराम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करेगी।

चार्जशीट में लगाए गए आरोप अगर साबित हुए तो आसाराम को उम्रकैद भी हो सकती है। शुक्रवार को आसाराम को चार अन्य आरोपियों के साथ अदालत में पेश किया गया। सूत्रों के मुताबिक चार्जशीट में पुलिस ने आसाराम के खिलाफ यौन उत्पीड़न के अलावा आईपीसी की धारा-370 भी लगाई है। यानी पुलिस उन्हें जिस्मफरोशी का धंधा चलाने का भी आरोपी मान रही है। एफआईआर में ये धारा नहीं थी, लिहाज़ा माना जा रहा है कि पुलिस आश्रम में महिलाओं की दीक्षा के कार्यक्रमों को जिस्मफरोशी से जोड़कर देख रही है। माना जा रहा है कि आसाराम के चार अन्य साथियों के खिलाफ़ भी ऐसी ही धाराएं लगेंगी।
 

मालूम हो कि उत्तर प्रदेश की एक नाबालिग लडकी ने जोधपुर के पास मणाई आश्रम में गत 15 अगस्त को आसाराम पर उसके साथ दुराचार करने का मामला 19 अगस्त को दिल्ली के कमलामार्केट थाने में दर्ज कराया था। घटना जोधपुर की होने के कारण प्राथमिकी जांच के लिये यहां भेजी गयी थी। पुलिस ने 31 अगस्त की रात मध्य प्रदेश के इन्दौर स्थित आश्रम से आसाराम को गिरफ्तार  किया था। अदालत ने गत 2 सितम्बर को आसाराम को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।

सूरत में दो बहनों द्वारा आसाराम और उनके पुत्र नारायण साईं पर बलात्कार करने का मामला दर्ज कराने के बाद गत दिनों गुजरात पुलिस पूछताछ के लिए आसाराम को सूरत ले कर गयी थी जहां से बुधवार को उसे यहां लेकर आयी है। इस मामले में अन्य आरोपियों ने पुलिस एवं अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। सभी आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में यहां केन्द्रीय कारागार में बंद हैं।


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