मनमोहन ने सौंपी हिंडाल्को की फाइल

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Saturday, October 26, 2013-11:26 AM

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री कार्यालय (पी.एम.ओ.) ने हिंडाल्को को ओडिशा में कोयला खान के विवादास्पद आबंटन से संबद्ध फाइल शुक्रवार को सी.बी.आई. को सौप दी। जांच एजैंसी ने पी.एम.ओ. से यह फाइल मांगी थी। प्रधानमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘सी.बी.आई. ने आबंटन से जुड़ी फाइल मांगी थी। हमने फाइल सौप दी है और इसकी पावती ले ली है।

पी.एम.ओ. ने सी.बी.आई. को बताया कि वह जरूरत पडऩे पर तालाबीरा कोयला खान आबंटन के बारे में कोई भी अन्य सूचना उपलब्ध कराने को तैयार है। हिंडाल्को को यह आबंटन 2005 में किया गया था। कुमार मंगलम बिड़ला प्रवर्तित हिंडाल्को को खान आबंटन को लेकर विपक्षी दलों की ओर से आलोचना का सामना कर रहे प्रधानमंत्री ने अपने इस निर्णय को ‘पूरी तरह से उचित’ और अपने समक्ष पेश मामले के गुणों के आधार पर किया गया निर्णय बताया है।

सी.बी.आई. द्वारा पिछले सप्ताह बिड़ला और पूर्व कोयला सचिव पी.सी. पारेख के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज किए जाने के बाद आबंटन को लेकर विवाद खड़ा हुआ। प्रधानमंत्री सिंह ने कल कहा कि वह इस मामले में सी.बी.आई. के किसी भी प्रश्न का जवाब देने को तैयार हैं क्योंकि उन्हें कोई बात छुपाने की जरूरत नहीं है। रूस और चीन की यात्रा से लौटते समय उन्होंने कल संवाददाताओं से इस विषय में बातचीत में कहा, ‘मैं कानून से ऊपर नहीं हूं। यदि सी.बी.आई. मुझसे कुछ जानना चाहती है तो मैं तैयार हूं। मुझे कुछ छुपाने की जरूरत नहीं है।

 पी.एम.ओ. ने पिछले सप्ताह एक बयान में हिंडाल्कों संबंधी निर्णय को सही ठहराते हुए यह स्वीकार किया कि एक अक्तूबर, 2005 को अंतिम निर्णय, कोयला आबंटन संबंधी जांच समिति की पूर्व की सिफारिश से ‘भिन्न’ था। प्रधानमंत्री कार्यालय ने घटनाक्रम का जो ब्यौरा जारी किया है उससे यह जाहिर होता है कि बिड़ला और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के प्रतिवेदनों के मद्देनजर पर प्रधानमंत्री द्वारा तय नियमों में ढील दी गई थी।

पीएम के पास न तो मोबाइल है और ना ही ई-मेल आई.डी :
नई दिल्ली: भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास अपना खुद का मोबाइल फोन या निजी ई-मेल अकाऊंट नहीं है। इस वजह से वह अमरीका द्वारा उनकी जासूसी किए जाने से बच गए हैं। चूंकि डा. सिंह के पास मोबाइल और ई-मेल अकाऊंट नहीं है इसलिए इन्हें हैक कर जासूसी किए जाने का कोई खतरा नहीं है।  यह जानकारी गाॢडयन में प्रकाशित एक रिपोर्ट के बाद दी गई है।

क्या कहते हैं पूर्व कोयला सचिव:
पूर्व कोयला सचिव पी.सी.पारेख का कहना है कि प्रधानमंत्री की तरफ से इस तरह का बयान बहुत अच्छी  बात है कि फैसला सही था और अगर सी.बी.आई. को कुछ पूछना है तो वे पूछने के लिए स्वतंत्र है
            


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