एक बार फिर मुस्लिमों के निशाने पर अखिलेश सरकार

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Saturday, October 26, 2013-1:31 PM

उत्तर प्रदेशः मुजफ्फरनगर दंगा मामले में एक  बार फिर अखिलेश सरकार मुस्लिम संगठनों के निशाने पर आ गई है। सूत्रों की मानें तो मुस्लिम संगठन ने सपा की टीम द्वारा सरकार को सौपी गर्इ रिपोर्ट से नराजगी जतार्इ है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि  मदरसों से जुड़े लोग निजी हितों के लिए दंगा पीड़ितों को घर वापस नहीं जाने दे रहे।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-मुशावरत (एआईएमएमएम) ने राज्य सरकार पर आरोप लगया है कि सपा पीड़ितो को जबरन राहत शिविरों से उनके घर वापस भेज रही है। संस्था ने आरोप लगाया कि मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान हुए जघन्य अपराध की अब तक कोर्इ कार्रवाई नहीं हुर्इ और इसके साथ-साथ  राज्य प्रशासन पर भेदभाव का भी आरोप लगाया है। एक गैर सरकारी संस्था अनहद ने यूपी सरकार की तुलना गुजरात के मोदी सरकार से कर रही है।

एआईएमएमएम के प्रमुख डॉ. जफारुल इस्लाम खान ने पत्रकारों से कहा कि सपा की टीम ने मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ितों की मदद करने वाले मदरसों और मस्जिद से जुड़े लोगों पर बेहद दुखद आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा जिन पीड़ितों के घर जला दिए गए है, जिनके रिश्तेदारों की हत्या हुई है। उनके एफआईआर दर्ज होने के  बावजूद सरेआम आरोपी खूले घूम रहे हैं। राज्य सरकार बिना सुरक्षा के  इन्हें वापस भेजना चाहती है। संस्था ने दावा करते कहा कि जिन दंगा पीड़ितों के नाम एफआईआर में दर्ज हुए है उन्हें हटाने के लिए धमकियां दी जा रही हैं।


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