संघ का हो वरदान, तभी पालें टिकट का अरमान

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Saturday, October 26, 2013-2:46 PM

नई दिल्ली : भाजपा कार्यकत्ता कृपया ध्यान दें! यदि आप राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के करीबी हैं तभी विधानसभा चुनाव के टिकट की इच्छा पालें। डॉ. हर्षवर्धन के मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनने के बाद टिकटों के बंटवारे में संघ की ही चलेगी क्योंकि प्रदेश चुनाव प्रभारी नितिन गडकरी जहां पहले ही संघ की पसंद पर राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए थे, वहीं डॉ. हर्षवर्धन को मुख्यमंत्री पर का उम्मीदवार बनाने के पीछे भी संघ का ही समर्थन बताया जाता है।

यही वजह है कि टिकट के दावेदारों की सूची फिर से तैयार की जा रही है और टिकट बंटवारे की पूरी जिम्मेदारी नितिन गडकरी को सौंप दी गई है। बताया जाता है कि गडकरी सभी चुनिंदा दावेदार से एक-एक करके मिलेंगे उसके बाद टिकट देने पर अंतिम निर्णय लिया जा सकेगा। पार्टी के अंदर इस बात को लेकर चर्चा गर्म है कि टिकटों के लिए पहले से आवेदन कर चुके दावेदारों में अधिकांश प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल के करीबी माने जाते हैं।

मुख्यमंत्री पद के लिए डॉ. हर्षवर्धन के नाम की घोषणा होने से सभी दावेदारों के नाम पर फिर से विचार किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो डॉ. हर्षवर्धन के नाम की घोषणा से पूर्व प्रदेश चुनाव समिति की दो बैठकें प्रदेश चुनाव प्रभारी नितिन गडकरी के घर पर आयोजित की गई थी, लेकिन दोनों ही बैठकों से गडकरी ने दूरी बनाए रखी क्योंकि गडकरी इनमें से अधिकांश नामों पर विचार करने को तैयार नहीं थे और हर्षवर्धन के नाम की घोषणा के बाद गडकरी ने अपनी सक्रियता तेज कर दी है।


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