वाईएसआर कांग्रेस के तीन सांसदों ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी

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Sunday, October 27, 2013-10:37 AM

नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश के बंटवारे के खिलाफ अगस्त में लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने वाले वाईएसआर कांग्रेस के तीन सांसदों ने उनका त्यागपत्र अस्वीकार करने के अध्यक्ष के निर्णय को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। लोकसभा अध्यक्ष के निर्णय के खिलाफ वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष एवं कड़प्पा से सांसद वाईएस जगनमोहन रेड्डी, नेल्लोर के सांसद मेकापति राजमोहन रेड्डी और नांद्याल के सांसद एसपीवाई रेड्डी ने संयुक्त रूप से याचिका दायर की है।

 

यह याचिका उनके वकील हरिप्रिया पद्मनाभन और अमन गर्ग ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि अध्यक्ष ने बगैर कोई कारण बताये ही उनके इस्तीफे अस्वीकार कर दिए हैं। याचिका में लोकसभा अध्यक्ष को उनके इस्तीफे स्वीकार करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। इन सांसदों ने 10 अगस्त, पांच अगस्त और दो अगस्त को लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।

 

याचिका में कहा गया है कि लोकसभा अध्यक्ष ने उनसे संपर्क करके यह पता करने का प्रयास नहीं किया कि क्या ये पत्र स्वेच्छा से दिए गए हैं या यह सही हैं। इससे पता चलता है कि अध्यक्ष की मंशा उनके इस्तीफे स्वीकार करने की नहीं थी। याचिका के अनुसार इन इस्तीफों को अस्वीकार करना संविधान के अनुच्छेद 101 और लोकसभा की कार्यवाही की नियमावली के नियम 240 के खिलाफ है क्योंकि इस बात की पुष्टि ही नहीं की गई कि क्या ये इस्तीफे स्वैच्छिक हैं या सही हैं।

 

याचिका में कहा गया है कि अध्यक्ष ने त्यागपत्र स्वैच्छिक या सही होने के बारे में संविधान या लोकसभा की कार्यवाही की नियमावली के नियम 240 का पालन नहीं किया है क्योंकि सिर्फ इसी आधार पर इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जा सकता है। याचिका के अनुसार अध्यक्ष को इस्तीफों के बारे में संतुष्टि के लिये यह कवायद करनी जरूरी थी। इस याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की उम्मीद है।


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