मुस्लिम युवकों पर दिए बयान पर राहुल गांधी मांगें माफी : जमात-ए-इस्लामी हिंद

  • मुस्लिम युवकों पर दिए बयान पर राहुल गांधी मांगें माफी : जमात-ए-इस्लामी हिंद
You Are HereNational
Sunday, October 27, 2013-1:09 PM

नई दिल्ली: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के मुजफ्फरनगर के दंगा पीड़ित युवकों से आईएसआई के संपर्क करने संबंधी बयान को लेकर खड़े हुए विवाद की पृष्ठभूमि में देश के प्रमुख मुस्लिम संगठनों ने कहा है कि चुनावी फायदे के लिए पूरे मुस्लिम समुदाय को कटघरे में नहीं खड़ा किया जाए। जमात-ए-इस्लामी हिंद के सचिव इंजीनियर सलीम ने ‘भाषा’ से कहा, ‘‘राहुल गांधी ने जो बयान दिया है, वह बहुत गैरजिम्मेदाराना और सारे मुसलमानों को संदेह के घेरे में लाने वाला है। उन्हें इस बयान पर माफी मांगनी चाहिए। हमारी नेताओं से अपील है कि वे चुनावी फायदे के लिए मुस्लिम समुदाय को कटघरे में नहीं खड़ा करें।’’ राहुल ने पिछले दिनों इंदौर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि उन्हें खुफिया ब्यूरो (आईबी) के एक अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई मुजफ्फरनगर दंगे के पीड़ित कुछ युवकों के संपर्क में है। 

उनके इस बयान को लेकर भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने कहा था कि कांग्रेस उपाध्यक्ष उन युवकों के नाम बताएं या फिर माफी मांगे। इंजीनियर सलीम ने मोदी को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा, ‘‘अगर वह (मोदी) राहुल से माफी की मांग करते हैं तो इससे पहले उन्हें 2002 के दंगों के लिए खुद माफी मांगनी चाहिए और पीड़ितों को इंसाफ दिलाना चाहिए।’’  ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस-ए-मुशावरत के अध्यक्ष डॉक्टर जफरूल इस्लाम खान ने कहा, ‘‘यह बड़ी अफसोस की बात है कि मुस्लिम समुदाय के विकास और उनसे जुड़े दूसरे मुद्दों की बजाय इस तरह की बयानबाजी हो रही है। हमारी मांग है कि राहुल गांधी अपने इस बयान पर सफाई दें।’’

उन्होंने कहा, ‘‘देश के गृह मंत्री राज्यों को पत्र लिखकर निर्दोष नौजवानों को गिरफ्तार नहीं करने की नसीहत देते हैं, लेकिन सत्तारूढ़ दल के शीर्ष नेता इस तरह के बयान देते हैं। ऐसी सियासत नहीं होनी चाहिए। मुस्लिम समुदाय असल मुद्दों पर बात करने की उम्मीद करता है।’’  ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मुफ्ती एजाज़ अरशद कासमी ने कहा, ‘‘राहुल गांधी का बयान निंदनीय है। राजनीतिक लोगों द्वारा ऐसी बयानबाजी नहीं होनी चाहिए जिससे किसी समुदाय पर सवालिया निशान लगता है। मुसलमानों को मोहरा बनाकर सियासत करने का सिलसिला बंद होना चाहिए।’’


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You