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कहां गया! दिल्ली की सुपर मशीन गोलू

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Sunday, October 27, 2013-2:26 PM

नई दिल्ली(कुमार गजेन्द्र): दिल्ली में जेब तराशों की सुपर मशीन कहा जाने वाला गोलू (15) अचानक अपने घर से गायब हो गया है। बीते 3 दिन से गोलू कहां गया? इसकी जानकारी किसी को नहीं है। दिवाली का सीजन है, इसका मतलब है कि बदमाशों के किसी बड़े गिरोह ने मोटा माल कमाने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया है। इस मामले की शिकायत पुलिस से भी की गई है। पुलिस भी हैरान है कि उसकी नाक के नीचे से गोलू को कौन उठाकर ले गया।

पुलिस रिकार्ड की मानें तो गोलू नाम का यह बच्चा दिल्ली में सुपर मशीन के नाम से जाना जाता है। मुंबई, राजस्थान, पंजाब आदि राज्यों के कई गिरोह गोलू को मोटी रकम देकर किराए पर ले जाते हैं। मुंबई में गणेश उत्सव हो या गुजरात में गरबा, दाडिंया, सभी बड़े उत्सवों में गोलू अपने हाथ की सफाई दिखाने जाता है। उसे ले जाने वाले गिरोह बकायदा गोलू को जहाज से लाते ले जाते हैं। पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के एक घरेलू फंक्सन में हीरे के कीमती जेवरात गायब हो गए थे। इस वारदात में भी गोलू का नाम आया था।

दिल्ली में भी गोलू का कई बड़े समारोह स्थल जैसे पूर्वी जिला का सी.बी.डी. ग्राउंड, मयूर विहार, प्रीत विहार और गाजियाबाद के वैशाली और वसुंधरा के कई बड़े फार्म हाउस गोलू को चलाने वाले गिरोह के निशाने पर रहे हैं। इसके अलावा दक्षिणी जिले के कई फार्म हाउस में भी वह हाथ की सफाई दिखाने जाता रहा है। बताया जाता है कि जिस गाड़ी में गोलू चलता है, उसके आगे पीछे बदमाशों की कई गाडिय़ां चलती थीं।  2010 में  तत्कालीन पुलिस आयुक्तवाई.एस. डडवाल के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने गोलू को बदमाशों के गिरोह से छुड़ाकर उसके घर वालों को सौंपा था। उस वक्तगोलू को नन्द नगरी का असलम गिरोह चला रहा था। पुलिस ने इस मामले में असलम और उसके साथियों को गिरफ्तार किया था।

पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में रहने वाला बच्चा गोलू, जेबतराशों में सुपर मशीन के रूप में मशहूर है। गोलू को अपने पास रखने के लिए अब तक कई बार बदमाशों में गैंगवार हो चुकी है। इस गैंगवार में करीब आधा दर्जन बदमाश अपनी जान गंवा चुके हैं। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक सबसे पहले गोलू खुरेजी के रहने वाले कुख्यात बदमाश लंबू के पास था। इसी बदमाश ने गोलू को जेबतराशी के गुण सिखाए। कुछ ही दिनों में मासूम सा दिखने वाला 10-11 साल का यह बच्चा जेब तराशी और उठाईगीरी का माहिर बन गया था। गोलू जेबतराशों और बदमाशों में इस कदर मशहूर हो गया था कि इसे रिंकू नाम का बदमाश जबरन उठाकर ले गया था।

रिंकू अपना गैंग चलाता था और पूर्वी दिल्ली में एक समय जेब तराशों में रिंकू की तूती बोलती थी। इसी दौरान दुर्गापुरी के रहने वाले गांधी नाम के बदमाश ने रिंकू से गोलू को मांगा, जिस पर रिंकू ने इंकार कर दिया। गांधी इस बात से इस कदर नाराज हुआ कि उसने त्रिलोकपुरी में रिंकू के ठिकाने पर जाकर उसे गोली मार दी और गोलू को लेकर निकल गया। यह वारदात पुलिस की मोबाइल ट्रेपिंग में भी आ गई थी। गांधी ने मोटी रकम लेकर जेल जाने से पहले गोलू को असलम गिरोह को बेच दिया था। बताया जाता है कि असलम गिरोह ने गोलू के जरिए करोड़ों रुपए बनाए हैं।

 

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