मोदी से बड़ी रैली करने में जुटी सपा

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Sunday, October 27, 2013-2:38 PM

लखनऊ: लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक ²ष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेन्द्र मोदी की रैलियों को पछाडऩे की ²ष्टि से समाजवादी पार्टी (सपा) ने आगामी 29 अक्टूबर को आजमगढ में आयोजित रैली को सफल बनाने में पूरी ताकत झोंक दी है। आजमगढ की रैली को सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सम्बोधित करना है। अखिलेश सरकार के आधे से अधिक मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्वांचल में कैम्प किये हुए हैं। सपा का कहना है कि आजमगढ की रैली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी की कानपुर और झांसी की रैली से हर हाल में बडी होगी।  इस रैली के माध्यम से मुलायम सिंह यादव एक तीर से कई निशाने साधना चाहते हैं। पिछले कई वर्षों से अतिपिछडों को एकजुट करने में जुटे सपा अध्यक्ष इस रैली में पिछडों को एक मंच पर आने का आह्वान कर सकते हैं।

 रैली की सफलता के लिए गत 24 अक्टूबर से सपा की दो रथयात्राएं पूर्वांचल में भ्रमण कर रही हैं। इन यात्राओं के माध्यम से कश्यप, निषाद, बिन्द, मांझी, प्रजापति, विश्वकर्मा समेत उन 17 जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने की मांग की जा रही है जो अतिपिछडी हैं। सामाजिक न्याय और अधिकार यात्रा के नाम से चल रही यह दोनों यात्राएं 29 अक्टूबर को आजमगढ पहुंचकर रैली में समायोजित हो जाएंगी।  रैली को आरक्षण बढाओ आरक्षण बचाओ नारे को प्रमुखता से लिया जाएगा। राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि यादव रैली के माध्यम से अतिपिछडी 17 जातियों को सपा से जोडने की कोशिश कर रहे हैं। राज्य में इन जातियों की जनसंख्या 26 प्रतिशत से अधिक है।

यादव पिछडों को जोडने की कवायद काफी दिनों से कर रहे हैं इसीलिए उन्होंने सन् 2009 के पहले पूर्व मुख्यमंत्री और 06 दिसम्बर 1992 की अयोध्या की घटना के आरोपी कल्याण सिंह से हाथ मिलाने में भी संकोच नहीं किया था हालांकि मुसलमानों की कडी नाराजगी की वजह से थोडे ही दिन में उन्होंने सिंह से राजनीतिक दोस्ती तोड़ ली थी। पिछडों को जोडऩे की कवायद के तहत ही यादव ने बाबू सिंह कुशवाहा की पत्नी और भाई को न.न सिर्फ पार्टी में शामिल किया बल्कि कुशवाहा की पत्नी को गाजीपुर से लोकसभा चुनाव का टिकट भी दे दिया। यह अलग बात है कि मायावती सरकार में कद्दावर मंत्री रहे बाबू सिंह कुशवाहा का नाम बहुचॢचत एनआरएचएम घोटाले में आने पर यादव और उनकी पार्टी ने उन्हें लेकर मायावती पर जमकर हमला बोला था। कुशवाहा इसी घोटाले के आरोप में गाजियाबाद के डासना जेल में बंद हैं।


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