जाम और यातायात के साधन बनेंगे चुनावी मुद्दा

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Sunday, October 27, 2013-2:38 PM

 वेस्ट दिल्ली (राजन शर्मा): 4 बार जीत के बाद मंत्री बने राजकुमार चौहान विधानसभा में इलाके की जनता का प्रतिनिधित्व करते है। इलाके में पिछले 20 सालों में विकास हुआ है, लेकिन कुछ समस्याएं अभी भी बनी हुई है। आने वाले चुनावों में बड़ा मुद्दा तंग सड़कों की वजह से लगने वाला जाम और इलाके में बस सेवा की बदहाल स्थिति बनने वाली है। विधानसभा में परिवहन के पर्याप्त साधन नहीं है। यहां डी.टी.सी. बसों की भारी कमी है। पेरी विधानसभा में एक भी मैट्रो स्टेशन नहीं है जिससे लोगों को पीरागढ़ी मैट्रो स्टेशन जाना पड़ता है। लोग ऑटो और ग्रामीण सेवा समेत अन्य निजी वाहनों पर निर्भर है। वहीं दूसरी ओर विधायक के अनुसार जाम की समस्या से निपटने के लिए मंगोलपुरी फ्लाई ओवर तैयार किया गया है, सडक़ों की हालत में काफी सुधार किया गया है। इससे अलग इलाके में कई परियोजनाएं आने वाली है और कईयों पर कार्य चल रहा है जिससे क्षेत्र की जनता को फायदा मिलेगा।

पिछला इतिहास:

-यह सीट दिल्ली में विधानसभा चुनावों की शुरूआत से ही सुरक्षित रही है। 

-वर्ष 1993 से 2008 तक चारों बार सीट कांग्रेस के खाते में रही। 

-वर्तमान विधायक फिलहाल सरकार में मंत्री है 

 

विधानसभा में प्रमुख इलाके-

रोहिणी सैक्टर-2,3,4, मंगोलपुर खुर्द, मंगोलपुरी ए ब्लॉक से जी ब्लॉक तक,  मंगोलपुर कलां, अवंतिका एंक्लेव, मंगोलपुरी एल, के, क्यू, आर, टी, यू, ब्लॉक प्रमुख इलाके हैं।

 

चुनावी फैक्टर-

-आरक्षित सीट पर लगातार 4 बार जीत और जीत का भारी अंतर जनता में विधायक को लोकप्रिय होना दर्शाता है। इलाके में ज्यादा आबादी एस.सी. और ओ.बी.सी. से आती है जिसका फायदा वर्तमान विधायक को मिलना तय है।

- भाजपा के पास कोई दमदार उम्मीदवार का नहीं होना भी पार्टी के लिए मुसीबत और कांग्रेस के लिए फायदेमंद साबित होगा।

 

इन मुद्दों पर होंगे चुनाव-

स्वास्थ्य सेवा :- इलाके में संजय गांधी अस्पताल मौजूद है, लेकिन पश्चिमी दिल्ली के बड़े अस्पतालों में शुमार होने के कारण से यहां मरीजों भीड़ ज्यादा रहती है। यहां ट्रामा सैंटर बनाना था जो अभी तक नहीं बना है। 

मैट्रो फीडर की मांग :- मैट्रो के चौथे चरण के दौरान यहां मैट्रो पहुंचेगी, लेकिन फिलहाल इलाके के लोगों को पीरागढ़ी से मैट्रो मिलती है जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे में यहां से अंदरूनी इलाकों तक मैट्रो फीडर सेवा शुरू करने की कई बार मांग उठ चुकी है। 

एलिवेटैड रोड :- गोविंद चौक से मंगोलपुरी के बीच लगभग 422 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले एलिवेटेड़ रोड के लिए अभी निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है जिससे इलाके में जाम की समस्या से लोगों को दो-चार होना पड़ता है। ऐसे में अगर इसका निर्माण जल्द करवा दिया जाए तो इलाके को जाम से मुक्ति मिल जाएगी।

विपक्ष के वार 

विधायक के मंत्री होने के बावजूद इलाके में कई गंभीर समस्याएं बनी हुई है। सबसे बड़ी समस्या यातायात और पेयजल की है। रोहिणी साऊथ में पेयजल की गंभीर समस्या रूप ले चुकी है। यहां केवल 2 घंटे पानी आता है। वहीं जे.जे. कैम्प इलाके में सड़कों की स्थिती भी बदत्तर हो चुकी है। मुख्य मार्गों को बनाया तो जा रहा है, लेकिन सडक़ बनाने का मैटेरियल इतना खराब है कि वह बनते ही टूट जाते है। 

                                                                                                                                                                                       -संजना सिंह 

विधायक का जवाब

पेयजल की समस्या को खत्म करने के लिए 44 लाख एमजीडी क्षमता का भूमिगत जलाशय और बुस्टर पंप लगाया गया है। मंगोलपुरी में मुख्य ट्रंक लाइन डाली गई है। वर्तमान कार्यकाल में 23 परियोजनाओं पर काम किया गया है। शिक्षा के लिए 16 में से 12 स्कूलों को 12वीं तक किया गया है। इलाके में नौ नए स्कूल और 12 सौ नए क्लास रूम बनाए गए हैं। संजय गांधी अस्पताल को 50 बिस्तरों से बढ़ाकर 200 बिस्तरों का कर दिया गया है। मरीजों की सुविधाओं के लिए रक्तदान केन्द्र भी शुरू किया गया है।

                                                                                                                                                                              -राजकुमार चौहान

जनता की राय

क्षेत्र में आई.टी.आई. बनने से बच्चों को पढ़ाई के लिए अब दूसरे क्षेत्र में नहीं जाना पड़ता। सडक़ों के हालात में भी सुधार हुआ है, बरातघरों और स्कूलों की संख्या भी बढ़ाई गई है।                                                                                                                                  -इन्द्रपाल

कई इलाकों के लिए बस सेवा उपलब्ध नहीं है। रूट तो बने हुए है, लेकिन बसे आती नहीं है। शिकायत करने पर भी विभाग की ओर से कोई सुनवाई नहीं होती। क्षेत्र में बसों की संख्या बढ़ानी चाहिए।                                                                                               -अमित 

इलाके में पेयजल की समस्या भी बढ़ती जा रही है। रोहिणी इलाके में कुछ ही घंटे पानी आता है। कई बार गंदे पानी की सप्लाई भी की जाती है जिससे परेशानी बढ़ जाती है।                                                                                                                                                      -किरत                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                              विधायक द्वारा खर्च फंड की स्थिति

कुल फंड लिया गया - 8.85 करोड़ रुपए

कुल खर्च किया गया फंड - 8.14 करोड़ रुपए

अवशेष फंड  -71 लाख रुपए                                                              

Edited by:Jeta

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