मेट्रो लाइनों के लिए नया पीपीपी मॉडल

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Sunday, October 27, 2013-5:39 PM

 नई दिल्ली: एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के सफल साबित न होने के बाद इससे सबक लेते शहरी विकास मंत्रालय एक नया मॉडल बनाने की तैयारी में है। भविष्य में इसी को आधार बना कर पीपीपी के तहत बनने वाली मेट्रो लाइनों के लिए अनुबंध किए जाएंगे। मंत्रालय चाहता है कि इस अनुबंध में प्राइवेट कंपनी को भी फायदा मिले।

 
सूत्रों के मुताबिक, पीपीपी के आधार पर पहली मेट्रो लाइन में ही बनाई गई थी लेकिन लाइन बनाने वाली कंपनी ने घाटे का दावा करते हुए छोड़ दिया था। फिलहाल इसे दिल्ली मेट्रो खुद संचालित कर रहा है।
 
मंत्रालय का कहना है कि 20 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में मेट्रो लाइनें बनाई जानी है। इसलिए इसे सिर्फ सरकारी खर्च पर बिना पीपीपी के इसेे बनाना संभव नहीं है। ऐसे में पीपीपी का ऐसा मॉडल बनाए जाने की जरूरत है जिसका हाल एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाईन जैसा न हो। 
 
मंत्रालय ने अनुबंध का नया मॉडल बनाने के लिए आर्थिक सलाहकार आनंद सिंह भाल की अध्यक्षता में एक कमिटी बनाई है जिससे कहा गया है कि  मुंबई की लाइन टू के पीपीपी अनुबंध के आधार पर एक नया मॉडल बनाया जाए।
 

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