विस्फोट ने नीतीश के सुशासन और कानून व्यवस्था की पोल खोली: पासवान

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Monday, October 28, 2013-3:48 PM

पटना: लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान ने कल हुए पटना में श्रृंखलाबद्ध विस्फोट के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए आज कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार या तो अपने पद से इस्तीफा दें, नहीं तो केंद्र सरकार इस सरकार को बर्खास्त करे। पटना में आज संवाददाताओं को संबोधित करते हुए पासवान ने कहा कि पटना में कल हुए श्रृंखलाबद्ध विस्फोट की जितनी भी निंदा की जाए कम है।

उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार बिहार में सुशासन और कानून व्यवस्था का ढिंढोरा पीट रही है, लेकिन कल की इस घटना के बाद से यह स्पष्ट हो गया है कि अब प्रदेश राजधानी भी सुरक्षित नहीं है। पासवान ने कहा कि बोधगया में गत जुलाई महीने में हुए सिलसिलेवार धमाके से भी प्रदेश सरकार ने सबक नहीं सीखा और इस रैली में भारी संख्या में लोगों के आने की चर्चा के बावजूद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए। उन्होंने कहा कि इस घटना से यह साबित कर दिया है कि इस सरकार के रहते हुए जनता सुरक्षित नहीं है।

इसलिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इसकी जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए, नहीं तो केंद्र को इस सरकार को बर्खास्त कर यहां राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहिए। पासवान ने कहा कि इस रैली के लिए सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के बजाए नीतीश ने मुंगेर और नालंदा जाने का अपना कार्यक्रम तय कर रखा था जो उनकी प्रदेश के लोगों की सुरक्षा के प्रति गैर जिम्मेदारी को दर्शाता है।

पासवान ने आरोप लगाया कि कल करीब नौ बजे पटना रेलवे जंक्शन पर पहला धमाका होने के बावजूद राज्य सरकार हरकत में नहीं आयी, जिसके बाद गांधी मैदान और उसके आसपास के इलाके में श्रृंखलाबद्ध विस्फोट हुए। इसमें छह लोगों की मौत हो गयी तथा 83 लोग घायल हो गए। उन्होंने दावा किया कि अपनी पार्टी जदयू की ‘जनअधिकार रैली’ के लिए नीतीश ने गांधी मैदान में 80 एम्बुलेंस की व्यवस्था की थी, लेकिन जनता को बताये की कल की रैली के लिए कितनी एम्बुलेंस की व्यवस्था की थी।

पासवान ने कहा कि गत 26 अक्तूबर को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का पटना दौरा और अगले दिन 27 अक्तूबर को नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम होते हैं। ये दोनों दिन इस शहर के लिए कानून व्यवस्था और सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील थे, लेकिन राज्य सरकार ने इसके प्रति सजग नहीं हुई।

उन्होंने कल हुई घटना को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर झूठ का सहारा लेने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि बोधगया सिलसिलेवार बम धमाका के पूर्व और नरेंद्र मोदी के कल के दौरे के पहले भी केंद्रीय एजेंसी ने राज्य सरकार को सतर्क किया था, लेकिन राज्य सरकार ने उसे संजीदगी से नहीं लिया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कल हुए श्रंखलाबद्ध विस्फोट के बाद कहा था कि इसको लेकर न तो बिहार और न ही केंद्रीय खुफिया एजेंसी द्वारा खुफिया जानकारी नहीं दी गई थी।

 


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