चुनाव आयोग को मिले, 2 महीने में 5 लाख नए वोटरों के आवेदन

  • चुनाव आयोग को मिले, 2 महीने में 5 लाख नए वोटरों के आवेदन
You Are HereNational
Tuesday, October 29, 2013-3:08 PM

नई दिल्ली : दिल्ली चुनाव आयोग को पिछले 2 महीने में वोटर आई.डी. कार्ड बनवाने के लिए 5 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। महज 60 दिन के भीतर इतने भारी संख्या में आवेदन मिलने से आयोग गदगद है। सितम्बर और अक्तूबर में आयोग के पास नए वोटर आई.डी. कार्ड बनवाने के लिए 5.39 लाख आवेदन पहुंचे हैं।

आयोग ने भी 3 लाख से ज्यादा वोटर आई.डी. कार्ड जारी कर दिए हैं और बाकी कार्ड बनाने की प्रक्रिया चल रही है। आयोग के मुताबिक दिल्ली में रहने वाले लोग 6 नवम्बर तक वोटर आई.डी. कार्ड बनवाने के लिए आवेद कर सकते हैं। इससे पहले कार्ड बनवाने के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि एक सितम्बर थी और आयोग ने नौ सितम्बर को दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी थी।

इसके बाद भी आयोग के पास नए वोटर आई.डी. कार्ड बनवाने के लिए भारी संख्या में ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन पहुंचे जिसके बाद आयोग ने फैसला किया कि राजधानी में अब 6 नवम्बर तक वोटर आई.डी. कार्ड बनाने का काम किया जाएगा और पुराने मतदाता अपने-अपने कार्ड में बदलाव भी कर सकेंगे।

इसके अलावा मतदाताओं के किसी और जगह चले जाने या मतदाता की मृत्यु हो जाने की वजह से आयोग ने दिल्ली की मतदाता सूची से करीब 16 लाख लोगों के नाम हटा दिए है। आयोग के आदेश पर अधिकारियों ने जब राजधानी के तमाम इलाकों में जाकर घर-घर पहुंचकर मतदाताओं की जानकारी हालिस करना चाही तो पता चला कि कुछ मतदाताओं ने घर बदल लिया है और कुछ की मृत्यु हो गई है।

 इसके बाद प्राप्त सूचना के आधार पर ऐसे लोगों को नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए जो आयोग को दिए पते पर नहीं मिले। दिल्ली में कुल मतदाता 1 करोड़ 15 लाख 11 हजार 36 है। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 63 लाख 81 हजार 3 है और महिला मतदाताओं की संख्या 51 लाख 29 हजार 490 है। इसके अलावा 543 किन्नर है जो इस बार विधान सभा चुनाव में पहली बार अपने मत का प्रयोग करेंगे।

अंतिम तारीख तक जुड़ते रहेंगे नए वोटरों के नाम :
आयोग ने नामांकन की अंतिम तारीख तक मतदाता सूची में नए वोटरों के नाम शामिल करने का फैसला किया है। इसके अलावा सूची में पुराने मतदाता अपनी इच्छानुसार संशोधन भी करा सकते हैं। आयोग के मुताबिक पिछले साल अक्तूबर से इस साल सितम्बर तक की अवधि में करीब 14 लाख नए मतदाता बने है। यह सभी मतदाता दिसम्बर में होने जा रहे दिल्ली विधान सभा चुनाव में पहली बार वोट डालेंगे।

राजधानी में वोटर आई.डी. कार्ड बनाने का काम इसी साल जुलाई महीने में शुरू किया गया था। हालांकि जुलाई के बाद कार्ड बनवाने के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि को 2 बार आगे बढ़ाया गया और इससे आयोग को भारी संख्या में नए वोटर आई.डी. कार्ड बनवाने के लिए आवेदन प्राप्त हुए। यहीं वजह है कि तीसरी बार कार्ड बनाने की तिथि को और आगे बढ़ाकर इसे छह नवम्बर कर दिया गया है। इस दौरान पुराने मतदाता भी अपने कार्ड में अपनी इच्छानुसार संशोधन करवा सकते हैं।

नामांकन की अंतिम तिथि 16 नवम्बर है लेकिन लोग छह नवम्बर तक ही वोटर आई.डी. कार्ड बनवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि 6 नवम्बर के बाद वह लोग अपने नाम अपने क्षेत्र की मतदाता सूची में जुड़वा सकेंगे जिनके वोटर आई.डी. कार्ड तो बने हुए हैं लेकिन उनका नाम उनके क्षेत्र की मतदाता सूची में अभी तक दर्ज नहीं हो सके हैं। ऐसे लोग अपने क्षेत्रीय मतदाता पहचान पत्र कार्यालय में जाकर अपने नाम सूची में जुड़वा सकते हैं।

 


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You