डी.यू. की शिक्षक भर्ती पर राजनीति गर्म

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Tuesday, October 29, 2013-5:01 PM

नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति में बैकलॉग की भर्ती को लेकर राजनीति गर्मी हो गई है। फोरम ऑफ कम्युनिटी अपलिफ्टमैंट्स के चेयरमैन एस.के. सागर ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर एस.सी., एस.टी. व ओ.बी.सी. अभ्याॢथयों के साथ भेदभाव की नीति अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आरक्षित सीटों पर जनरल बना कर यू.जी.सी. के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं जिसका फोरम विरोध करेगा।

दिल्ली विश्वविद्यालय में कई सालों से खाली चल रहे शिक्षकों के पद पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नियुक्ति प्रक्रिया में बैकलॉग कोटे से भर्ती किए जाने को लेकर राजनीति गर्म हो गयी है। दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा 360 असिस्टैंट प्रौफेसरों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। इसमें बैकलॉग की सीटों को नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से सम्बंध दीन दयाल कॉलेज और महाराजा अग्रसैन कॉलेज द्वारा भी नियुक्ति के लिए जो विज्ञापन जारी किया गया है, उसमें भी बैकलॉग को शामिल नहीं किया गया है।

इस पर एस.के. सागर ने इसे एस.सी,एस.टी और ओ.बी.सी के अभ्याॢथयों के साथ विश्वविद्यालय द्वारा सौतेला व्यवहार बताया है।उनका कहना है कि यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि बैकलॉग को स्थान देने पर जनरल के लिए स्थान खाली नहीं रहेगा, जबकि बैकलॉग का पूरा कोटा देने के बाद भी  जनरल अभ्याॢथयों के लिए जगह खाली रहेगी।

सागर ने बताया कि बैकलॉग को नियुक्ति में शामिल नहीं कर एस.सी, एस.टी व ओ.बी.सी को उनके हक से महरूम किया जा रहा है, जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैकलॉग में नियुक्ति की लड़ाई जारी रहेगी और ऐसा नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। गौरतलब है कि कुछ कॉलेजों के रोस्टर में भी आरक्षित सीटों को नजरअंदाज किया गया है।


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