सहारा समूह की आदेश में बदलाव की मांग

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Tuesday, October 29, 2013-8:38 PM

नई दिल्ली : सहारा समूह ने मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश में बदलाव की मांग की, जिसमें समूह के प्रमुख सुब्रत राय और उसके दो निदेशकों पर तब-तक विदेश जाने पर रोक लगाई गई है, जब तक कि वे 20 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति के टाइटल डीड जमा न कर दें।

टाइटल डीड से उस राशि की पूर्ति की जाएगी, जो सहारा समूह को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड को निवेशकों को चुकाने के लिए देनी है। समूह की दो रियल एस्टेट और वित्तीय कंपनी ने निवेशकों से 24 हजार करोड़ रुपये इकट्ठा किए थे। सहारा समूह के वकील सी.ए. सुंदरम ने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति के.एस. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि अदालत के आदेश में त्रुटि है, क्योंकि आदेश में कहने की कोशिश की गई है कि ‘‘यदि हम आदेश का पालन नहीं करें, तो आदेश का कथित रूप से अवज्ञा करने वाले को तीन सप्ताह बाद देश छोडऩे से रोक दिया जाएगा, लेकिन इसके बदले कहा यह गया है कि जब तक हम आदेश पालन न करें।’’

सुंदरम ने अदालत से कहा कि अदालत यह नहीं कहना चाहती थी। इस पर न्यायमूर्ति राधाकृष्णन ने कहा कि इस पीठ ने आदेश जारी नहीं किया था। उन्होंने कहा कि वह न्यायमूर्ति जे.एस. खेहर से चर्चा करेंगे और आदेश में बदलाव पर विचार करेंगे।

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