दिवाली निकाल सकती है सेहत का दिवाला

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Wednesday, October 30, 2013-4:21 PM

नर्इ दिल्लीः स्वास्थय विशेषज्ञों ने दिवाली के दौरान दमा और दिल के मरीजों को पटाखों से दूर रहने तथा सावधनी बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों के अनुसार पटाखों से निकलने वाले धुंये, रसायन एवं तेज शोर के कारण दिल के दौरे, रक्तचाप,  दमा, नाक की एलर्जी,  ब्रोंकाइटिस और निमोनिया के खतरे कई गुणा बढ जाते हैं।

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार पटाखों के कारण दीवाली के बाद वायु प्रदूषण छह से दस गुना और आवाज का स्तर 15 डेसिबल तक बढ जाता है जिसका पर्यावरण एवं स्वास्थय पर बुरा असर पड़ता है।  हृदय रोग चिकित्सक तथा मेट्रो हास्पिटल्स एंव हार्ट इंस्टीटूट के निदेशक डॉ. पुरूषोत्तम लाल के अनुसार अचानक तेज धमाके और पटाखों से निकलने वाले धुंये, रसायन एवं गंध हृदय रोगियों के लिये अत्यंत घातक साबित हो सकते हैं क्योंकि इससे कार्डियेक एरिथमिया की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। यह स्थिति उन लोगों के लिये खास तौर पर घातक है जिनके हृदय की धडकन की दर कम है या जिन्हें दिल का दौरा पड चुका है।

ऐसे लोगों को तेज धमाके के कारण वसन में गंभीर अवरोध,  स्ट्रोक या रक्त धमनियों में थक्के पैदा हो सकते हैं। जो लोग पटाखे चलाते हैं. हो सकता है कि उन्हें दिल की समस्या नहीं हो लेकिन पटाखों की तेज के शोर से हृदय रोगियों पर इसका गंभीर प्रभाव पड सकता है। इन्द्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के वरिष्ठ ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. संदीप सिंधु ने कहा कि दिल तथा दमा के मरीजों के लिए दिवाली का समय मुसीबत भरा होता है और ऐसे में उन्हें सावधनी बरतनी चाहिये।


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