दिल्ली में तेजी से बढ़े महिलाओं के खिलाफ अपराध

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Thursday, October 31, 2013-3:47 PM

नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय में पेश आंकड़ों के मुताबिक देश की राजधानी में पिछले 5 सालों में महिलाओं के प्रति अपराध दो गुने हुए हैं और 2012 की तुलना में इस साल इसमें करीब 73 फीसदी इजाफा हुआ है। इसे दुर्भाग्य ही कहेंगे कि देश की राजधानी में आए दिन महिलाओं के खिलाफ  अपराध इस कदर बढ़ रहे हैं।

दिल्ली सरकार द्वारा शीर्ष अदालत में पेश आंकड़ों के अनुसार इस साल 15 अक्तूबर तक महिलाओं के प्रति बलात्कार के 1,330 मामले दर्ज किए गए हैं। सरकार ने सूचित किया कि 15 अक्तूबर तक महिलाओं के प्रति अपराध के 10,493 मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले साल इनकी संख्या 6,064 थी। महिलाओं के प्रति अपराध के मामलों में बलात्कार, उत्पीडऩ, छेड़छाड़ और दहेज के कारण मौत की घटनाएं शामिल हैं।

इसी प्रकार 2009 में महिलाओं के प्रति अपराधों के 4,358 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2010 में इनकी संख्या 4,542 और 2011 में 5,213 थी। इन आंकड़ों से पता चलता है कि 2013 में महिलाओं के अपहरण के सबसे अधिक मामले हुए हैं, जबकि इसके बाद उनके उत्पीडऩ की घटनाओं की संख्या है। पिछले साल की तुलना में इस साल उत्पीडऩ के मामलों में करीब 300 फीसदी और बलात्कार के मामलों में 88 फीसदी का इजाफा हुआ है। तमाम कड़े कानूनों के बावजूद राजधानी में रेप और उत्पीडऩ के मामले में कमी नहीं आ रही है।

अब तक नहीं लिया गया ‘16 दिसंबर’ से सबक:
इस साल 15 अक्टूबर तक दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ जो अपराध के मामले दजज़् किए गए हैं, वो पिछले पूरे साल के मुकाबले ज्यादा है। पिछले साल से अभी तक रेप के मामले दोगुने हो चुके हैं। 15 अक्टूबर 2013 तक 1330 रेप के मामले दर्ज हो चुके हैं जबकि पिछले साल 15 अक्टूबर तक 590 रेप के मामले सामने आए थे।

यौन शोषण के मामलों में भी हुई वृद्धि:
रेप के अलावा यौन शोषण और छेड़छाड़ के मामले भी यहां लगातार बढ़ रहे है। 2012 में यौन शोषण के कुल 727 मामले दर्ज किए गए थे, जो इस साल 15 अक्टूबर तक 2844 तक पहुंच चुके हैं। वहीं छेड़छाड़ के मामलों में तिगुनी बढ़ोतरी देखने को मिली है। पिछले साल जहां 236 मामले सामने आए थे इस साल 15 अक्टूबर तक वो 793 तक पहुंच चुके है।
 

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