सांप्रदायिक ताकतों से लडऩे के लिये तीसरा मोर्चा जरूरी: अखिलेश

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Thursday, October 31, 2013-4:07 PM

नई दिल्ली: कुछ क्षेत्रीय दलों के नेता भले ही सार्वजनिक तौर पर इसकी घोषणा नहीं कर रहे हों लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव के बाद सांप्रदायिक ताकतों को सत्ता में आने से रोकने के लिये तीसरे मोर्चे का जमकर समर्थन किया है। उन्होंने हालांकि इस सवाल का कोई सीधा जवाब नहीं दिया कि उनके पिता और समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव उस मोर्चे के प्रधानमंत्री पद के दावेदार होंगे या नहीं । उन्होंने कहा कि भारत को ऐसा प्रधानमंत्री चाहिये जो गरीबों और किसानों के मसले समझ सके। उन्होंने ‘भाषा’ को दिये इंटरव्यू में कहा ,‘‘ उत्तरप्रदेश समेत देश के बाकी हिस्सों में सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के खिलाफ माहौल है। सिर्फ तीसरा मोर्चा ही ऐसी ताकतों को रोक सकता है क्योंकि कांग्रेस की गलतियों के कारण भाजपा मजबूत हो रही है।’’

उन्होंने कहा ,‘‘पश्चिम बंगाल में तृणमूल या कम्युनिस्ट पार्टी रोकेगी, तमिलनाडु में डीएमके या एआईडीएमके, उत्तरप्रदेश और बिहार में क्षेत्रीय दल ही रोक सकेंगे । समाजवादी पार्टी तो लंबे समय से संाप्रदायिक ताकतों के खिलाफ है और कभी उनका साथ नहीं दिया।’’ गैर भाजपा और गैर कांग्रेस दलों के नेता भाजपा की चुनौती का सामना करने के लिये बातचीत कर रहे हैं लेकिन ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को छोड़कर किसी ने चुनाव से पहले तीसरे मोर्चे की बात नहीं की है । कल यहां गैर भाजपा , गैर कांग्रेस 14 दलों के सम्मेलन में भी मोर्चे के गठन की कोई बात नहीं थी हालांकि इस बैठक को ऐसा मोर्चा बनाने की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है। उन्होंने भविष्य में कांग्रेस का फिर साथ देने के सवाल पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया।


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