अपने इलाज के लिए मरीज घर से लाते हैं पट्टी और ब्लेड

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Thursday, October 31, 2013-4:18 PM

नई दिल्ली : स्कूलों मे विद्यार्थियों को फस्र्ट ऐड के लिए घर से पट्टी और ब्लेड लाते तो सुना होगा, लेकिन दिल्ली के अरुणा आसफ अली सरकारी अस्पताल मे इलाज कराने के लिए मरीजों को पट्टी और ब्लेड खुद लाने पड़ते हैं।

दिल्ली सरकार बेहतर स्वास्थ्य को लेकर तमाम दावे करती है, लेकिन अस्पताल दिल्ली सरकार के दावों को ठेंगा दिखा रहे हैं। मरीजों ने कई बार चिकित्सा अधीक्षक से शिकायत भी की, लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात रहा, न तो मरीजों को पट्टियां मिली और न ही सॢजकल ब्लेड।

अरुणा आसफ अली सरकारी अस्पताल की सॢजकल ओ.पी.डी. मे रोजाना सैंकड़ों मरीज आते हैं। मरीजों की जरूरत के अनुसार उन्हें न पट्टी न ब्लेड मिल पाते हैं। जिसे मरीजोंं को अस्पताल के बाहर बनी दुकानों से महंगे दामों में खरीदना पड़ता है। जिससे मरीजों की जेब पर तो असर पड़ता ही है, साथ ही चोट लगने के बावजूद उन्हें दर-दर भटकना पड़ता है। मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर मैडीकल स्टोर वाले चंादी काटते हैं। 10 रुपए की पट्टी के लिए मरीजों से 100 रुपए तक वसूल किए जाते हैं।

अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के बारे मे इलाज कराने आए हसरूद्दीन ने बताया कि पहले वार्ड के बाहर लंबी लाइन मे लगना पडता है उसके बाद डॉक्टर पर्ची बनाकर बाहर से पट्टी लाने को बोलते हैं। अपने बेटे की चोट का इलाज कराने आई उस्मान की मम्मी ने बताया कि बेटे के घुटने से खून बहता रहा, लेकिन अस्पताल में पट्टी नहीं होने के कारण एक घंटे तक उसे इलाज का इंतजार करना पड़ा। अस्पताल के उप-चिकित्सा अधीक्षक डॉ के. गोयल ने बताया कि आपूॢत जल्द ही दुरुस्त की जाएगी।

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